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‘मन की बात’ में छाया छत्तीसगढ़ का ‘हर घर मुनगा’ अभियान, अब तक 10.29 लाख पौधे बांटे

रायपुर, 27 सितंबर। कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की स्थानीय पहल ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बा...



रायपुर, 27 सितंबर। कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की स्थानीय पहल ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण में राष्ट्रीय मंच पर जगह दी। प्रधानमंत्री ने स्थानीय संसाधनों और जनभागीदारी को जोड़कर पोषण की चुनौती से निपटने की इस पहल का उल्लेख किया।

छत्तीसगढ़ में सितंबर को पोषण जागरूकता के महीने के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 12 सितंबर को ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य घर-घर मुनगा के पौधे पहुंचाने के साथ लोगों को इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति जागरूक करना है।

मुनगा यानी सहजन छत्तीसगढ़ में आसानी से उपलब्ध स्थानीय पौधा है। इसमें विटामिन ए, सी, कैल्शियम, आयरन और प्रोटीन सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह तेजी से बढ़ता है और अपेक्षाकृत कम देखभाल में भी तैयार हो जाता है। राज्य सरकार ने इसे स्थानीय भोजन, पोषण और हरियाली से जोड़ते हुए कुपोषण के खिलाफ अभियान का हिस्सा बनाया है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के पोषण पर ध्यान दिया जा रहा है।

आंगनबाड़ी केंद्रों से घरों तक पहुंचा अभियान

अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। यहां पोषण जागरूकता के साथ परिवारों को मुनगा के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्कूलों और आम लोगों के घरों तक भी पौधे पहुंचाए जा रहे हैं।

प्रदेशभर में अब तक 10 लाख 29 हजार 831 मुनगा पौधों का वितरण किया जा चुका है। इनमें बस्तर में 25,244, कांकेर 43,071, दंतेवाड़ा 7,056, नारायणपुर 21,224, बीजापुर 15,699, सुकमा 4,835, कोंडागांव 31,983, सरगुजा 43,754, कोरिया 19,022, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर 11,939, सूरजपुर 64,599, बलरामपुर 27,107 और जशपुर में 1,62,271 पौधे शामिल हैं।

रायपुर में 23,948, महासमुंद 6,420, धमतरी 48,833, बलौदाबाजार 28,398, गरियाबंद 10,527, दुर्ग 42,474, राजनांदगांव 3,480, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी 21,991, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई 39,222, कबीरधाम 75,776, बेमेतरा 19,575 और बालोद में 50,933 पौधे वितरित किए गए हैं।

इसी तरह बिलासपुर में 14,965, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 43,007, जांजगीर-चांपा 57,653, सक्ती 6,425, कोरबा 1,01,002, रायगढ़ 41,776, सारंगढ़-बिलाईगढ़ 9,824 और मुंगेली में 6,518 पौधे लगाए गए हैं।

एक पौधा, पोषण और जागरूकता का जरिया

अभियान की खासियत यह है कि इसमें किसी महंगे या बाहरी संसाधन के बजाय स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध पौधे को पोषण अभियान से जोड़ा गया है। घर के आंगन में लगा मुनगा का पौधा परिवार के भोजन में पोषण बढ़ाने के साथ कुपोषण के प्रति जागरूकता का माध्यम भी बन रहा है।

सरकार इस पहल को केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रख रही है। इसके जरिए पौधरोपण, पोषण जागरूकता, आंगनबाड़ी सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।


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