मुख्य सचिव ने शहरी गैस वितरण नीति की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में दिए निर्देश रायपुर, 19 अगस्त। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में पा...
मुख्य सचिव ने शहरी गैस वितरण नीति की राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में दिए निर्देश
रायपुर, 19 अगस्त। छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन आधारित प्राकृतिक गैस वितरण व्यवस्था को विस्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति के तहत गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक हुई। इसमें प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के विस्तार और आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पाइपलाइन के माध्यम से प्राकृतिक गैस के घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यिक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने शासकीय आवासीय कॉलोनियों, स्कूल-कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल, आवासीय परिसरों, शासकीय संस्थानों, टाउनशिप, केंद्रीय रसोई और कैंटीनों में पीएनजी अधोसंरचना विकसित करने के लिए कार्ययोजना तैयार कर काम करने को कहा।
स्वच्छ ईंधन के उपयोग को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में बताया गया कि पीएनजी व्यवस्था के विस्तार से प्रदेश में प्राकृतिक गैस की उपलब्धता बढ़ेगी। इससे घरेलू, औद्योगिक और परिवहन क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
अधिकारियों ने प्रदेश में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार, आवश्यक अधोसंरचना, विभागों के बीच समन्वय और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं सुगम गैस आपूर्ति से जुड़े विषयों पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने नीति के क्रियान्वयन से जुड़े सभी पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्लंबर और तकनीशियनों का होगा कौशल विकास
गैस वितरण व्यवस्था के विस्तार के साथ मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र में प्लंबर और फील्ड तकनीशियनों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण एवं कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे गैस पाइपलाइन नेटवर्क के रखरखाव और उपभोक्ताओं को सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह सहित जल संसाधन, लोक निर्माण, नगरीय विकास, पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और अधिकृत इकाइयों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।

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