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बच्चों की थाली बनी सबकी जिम्मेदारी, आंगनबाड़ी में पोषण और स्वच्छता पर जोर

‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर रायपुर, 23 सितंबर 2026। प्रदेश में 9वें राष्ट्रीय पोष...



‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

रायपुर, 23 सितंबर 2026। प्रदेश में 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के तहत बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य को लेकर सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने का अभियान चल रहा है। ‘बच्चों की थाली, हम सबकी जिम्मेदारी’ और ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ के संदेश के साथ प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गर्म, ताजा, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण अभियान और यूनिसेफ के सहयोग से अभिभावकों और समुदाय को भी बच्चों की थाली की गुणवत्ता और स्वच्छता पर नजर रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में पोस्टर और जागरूकता सामग्री के जरिए भोजन की गुणवत्ता, स्वाद, साफ-सफाई और बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन को लेकर चर्चा की जा रही है। जरूरत के अनुसार सुधार के सुझाव देने और व्यवस्था में सहयोग करने के लिए भी समुदाय को जोड़ा जा रहा है।

सुपोषण रथ गांव-गांव पहुंचा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने 12 सितंबर को राष्ट्रीय पोषण माह के अवसर पर सुपोषण रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह रथ गांव-गांव पहुंचकर माताओं, परिवारों और समुदाय को संतुलित आहार, स्वच्छता और बच्चों के शुरुआती विकास के प्रति जागरूक कर रहा है।

वहीं सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से बच्चों के विकास की समय पर पहचान, परामर्श और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ने का काम भी किया जा रहा है।

माताओं और समुदाय की भागीदारी बढ़ी

प्रदेश के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, माताएं, स्व-सहायता समूह और समुदाय मिलकर बच्चों के भोजन की गुणवत्ता और पोषण स्तर बेहतर बनाने में जुटे हैं। बच्चों द्वारा भोजन कम ग्रहण करने की स्थिति में माताओं से चर्चा कर भोजन के स्वाद और परोसने के तरीके में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं।

भोजन में स्थानीय और मौसमी सब्जियों, दाल और मिलेट जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करने के साथ रसोई और भोजन परोसने के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखा जा रहा है। बच्चों के नियमित वजन और विकास की निगरानी भी की जा रही है, ताकि पोषण स्तर में बदलाव की समय पर पहचान हो सके।

9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक पोषण गतिविधियां

महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों को आंगनबाड़ी प्रबंधन समितियों, पंचायतों, अभिभावकों और समुदाय को पोषण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चल रहे राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में रंग-बिरंगी थाली प्रदर्शन, पोषण मेले, माता-पिता की बैठकें, स्वच्छता अभियान और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ का संदेश अब समुदाय की भागीदारी से आगे बढ़ रहा है। बच्चों के भोजन की गुणवत्ता से लेकर स्वच्छता और विकास की निगरानी तक अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ने से आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण और बेहतर भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास का केंद्र बन रहे हैं।


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