सौर सुजला योजना ने दंतेवाड़ा के किसान की बदली खेती की तस्वीर, धान-दलहन के साथ सब्जी उत्पादन और मछली पालन से बने आय के नए साधन रायपुर, 23 स...
सौर सुजला योजना ने दंतेवाड़ा के किसान की बदली खेती की तस्वीर, धान-दलहन के साथ सब्जी उत्पादन और मछली पालन से बने आय के नए साधन
रायपुर, 23 सितंबर। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम मुरकी निवासी किसान चरण सिंह ठाकुर के लिए सौर सुजला योजना खेती में बदलाव का आधार बनी है। खेत में सोलर पंप लगने से सिंचाई की समस्या काफी हद तक दूर हुई और अब वे खरीफ-रबी दोनों मौसम में खेती के साथ सब्जी उत्पादन और मछली पालन कर रहे हैं। इन गतिविधियों से उनकी वार्षिक आमदनी में करीब 80 से 90 हजार रुपए का इजाफा हुआ है।
सिंचाई की चिंता हुई कम
पहले चरण सिंह सिंचाई के लिए पारंपरिक साधनों और पानी की उपलब्धता पर निर्भर थे। नियमित सिंचाई नहीं मिलने के कारण खेती का दायरा भी सीमित था। सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप मिलने के बाद वे जरूरत के मुताबिक समय पर फसलों की सिंचाई कर पा रहे हैं। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप के कारण बिजली या डीजल पर निर्भरता और ईंधन खर्च भी कम हुआ है।
धान के साथ दलहन और सब्जियों की खेती
सिंचाई सुविधा मिलने के बाद चरण सिंह ने खेती में विविधता लाई है। वे धान के साथ उड़द और अरहर जैसी दलहनी फसलें उगा रहे हैं। इसके अलावा लौकी, भिंडी, करेला और बरबट्टी समेत कई मौसमी सब्जियों का उत्पादन कर स्थानीय बाजार में बिक्री कर रहे हैं। इससे खेत का उपयोग बढ़ा और आय के अतिरिक्त साधन बने।
तालाब में मछली पालन भी शुरू
चरण सिंह ने सोलर पंप का उपयोग केवल खेतों की सिंचाई तक सीमित नहीं रखा। तालाब में पानी की उपलब्धता बनाए रखते हुए उन्होंने मछली पालन भी शुरू किया है। खेती और मछली पालन को साथ लेकर चलने से भूमि और जल संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है और परिवार को आय के अलग-अलग स्रोत मिल रहे हैं।
चरण सिंह के मुताबिक, सोलर पंप मिलने के बाद खेती को लेकर उनका भरोसा बढ़ा है। अब वे मौसम के अनुसार अलग-अलग फसलें और सब्जियां उगा पा रहे हैं और मछली पालन से भी अतिरिक्त आमदनी हो रही है।
दूरस्थ और आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा में सौर सुजला योजना के जरिए किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधा मिलने से खेती की संभावनाएं बढ़ रही हैं। चरण सिंह का उदाहरण दिखाता है कि भरोसेमंद सिंचाई सुविधा मिलने पर किसान बहुफसली खेती, सब्जी उत्पादन और मछली पालन जैसी गतिविधियों को जोड़कर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर सकते हैं।

" alt="" />" alt="" />
" alt="" />" alt="" />
No comments