379 गाँवों के 22 हजार 923 परिवारों तक पहुँचा नल कनेक्शन 119 गाँवों में हर घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बढ़ रही खुशहाली रायपुर, 07 सितम्बर 20...
379 गाँवों के 22 हजार 923 परिवारों तक पहुँचा नल कनेक्शन
119 गाँवों में हर घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल, बढ़ रही खुशहाली
रायपुर, 07 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ के सुदूर वनांचल और दुर्गम इलाकों में बसे नारायणपुर जिले में जल जीवन मिशन ग्रामीण परिवारों के जीवन में खुशहाली और बेहतर स्वास्थ्य की नई भोर लेकर आया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के निरंतर प्रयासों से जिले के अंतिम व्यक्ति तक सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल पहुँचाने का संकल्प अब धरातल पर रंग ला रहा है। हर घर जल की इस मुहिम ने न केवल पेयजल का संकट दूर किया है, बल्कि ग्रामीणों के दैनिक जीवन को आसान बनाते हुए उनके जीवन स्तर को भी ऊँचा उठाया है।
22 हजार 923 परिवारों को मिला नल कनेक्शन
जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते नारायणपुर और ओरछा विकासखंड के 379 गाँवों में निर्धारित 33 हजार 009 घरेलू नल कनेक्शनों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 22 हजार 923 परिवारों को सफलतापूर्वक नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुँचने से ग्रामीणों को पानी के लिए दूरदराज के जल स्रोतों पर निर्भर नहीं रहना पड़ रहा है।
दुर्गम क्षेत्रों में सौर ऊर्जा बनी बड़ा सहारा
भौगोलिक रूप से कठिन और दूरस्थ अंचलों में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोलर पंपों को मजबूत आधार बनाया गया है। जिले में 1 हजार 084 सोलर पंप स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 852 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में 750 सोलर पंप चालू हैं, जिनके माध्यम से सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए 20 हजार 138 घरों को सुरक्षित, शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
119 गाँवों में हर घर पहुँच रहा शुद्ध पेयजल
इन प्रयासों का परिणाम है कि जिले के 119 गाँवों के 7 हजार 276 परिवारों को पूरी तरह शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। इन गाँवों को ‘हर घर जल’ गाँव के रूप में प्रमाणित कर इनके प्रबंधन की जिम्मेदारी सीधे संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंप दी गई है। इसके अतिरिक्त, जिले में 3 हजार 572 हैंडपंप भी ग्रामीणों की दैनिक जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
स्वास्थ्य में सुधार और महिलाओं को मिली राहत
जलापूर्ति के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता, पाइपलाइन के रखरखाव और जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शुद्ध पेयजल की सुलभ उपलब्धता से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और मौसमी बीमारियों में उल्लेखनीय कमी आई है।
वहीं, पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम की बचत होने से विशेषकर ग्रामीण महिलाओं को बड़ी राहत मिली है। इस बचत हुए समय का उपयोग महिलाएँ अब परिवार, बच्चों की देखभाल और अन्य आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में कर पा रही हैं। जल जीवन मिशन के माध्यम से नारायणपुर के सुदूर और दुर्गम वनांचलों में विकास और खुशहाली की नई राह खुल रही है।

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