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विशेष लेख : डिजिटल क्रांति की राह पर सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक से बदली खेती की तस्वीर, डिजिटल क्रॉप सर्वे में रचा इतिहास

विष्णु प्रसाद वर्मा गुलाब डडसेना सहायक संचालक रायपुर, 07 सितंबर 2026।  छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक के प्रभावी उपयोग ...



विष्णु प्रसाद वर्मा
गुलाब डडसेना
सहायक संचालक

रायपुर, 07 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ का नवगठित जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ तकनीक के प्रभावी उपयोग और दूरदर्शी प्रशासनिक रणनीति के बल पर प्रदेश में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। कृषि क्षेत्र को पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल क्रॉप सर्वे के क्रियान्वयन में जिले ने समूचे प्रदेश को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया है। प्रदेश स्तरीय रिपोर्ट में उत्कृष्ट कार्यप्रगति के साथ सारंगढ़-बिलाईगढ़ ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर जिले की प्रशासनिक कार्यकुशलता और मैदानी अमले की सक्रियता को साबित किया है।

प्रदेश में डिजिटल तकनीक के माध्यम से फसलों की सटीक जानकारी संकलित करने के इस अभियान में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। जिले में कुल 53 हजार 524 लक्षित प्लॉटों के विरुद्ध 47 हजार 350 प्लॉटों का सर्वे पूरा किया जा चुका है, जो 88.45 प्रतिशत की वास्तविक प्रगति को दर्शाता है। केवल सर्वे कार्य ही नहीं, बल्कि डेटा सत्यापन और अनुमोदन की प्रक्रिया में भी जिले ने तेजी दिखाई है। अब तक 35 हजार 476 मामलों को अनुमोदित किया जा चुका है।

सभी छह तहसीलों में तेज गति से चल रहा सर्वे

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की सभी छह तहसीलों में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य किसी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की तरह तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिले की तहसीलों में 93.27 प्रतिशत प्रगति के साथ सारसींवा तहसील सबसे आगे है। इसके ठीक पीछे भटगांव तहसील ने 93.15 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

जिले के सबसे बड़े राजस्व क्षेत्र सारंगढ़ तहसील ने भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। यहां 88.60 प्रतिशत सर्वे कार्य पूर्ण होने के साथ-साथ 84.36 प्रतिशत अनुमोदन दर्ज किया गया है, जो प्रशासनिक दक्षता और समयबद्ध कार्यप्रणाली का उदाहरण है। इसी प्रकार सारिया, बिलाईगढ़ और बरमकेला तहसीलों में भी सर्वे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और 84 से 86 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

डिजिटल ब्यौरा बनाएगा सटीक और पारदर्शी व्यवस्था

डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह कृषि और राजस्व व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजस्व और कृषि विभाग की पूरी टीम जिले में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य कर रही है। मैदानी अमले के साथ सतत समन्वय, नियमित समीक्षा और प्रभावी प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से शेष प्लॉटों के सर्वे का कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।

फसलों का यह सटीक डिजिटल ब्योरा भविष्य में किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा। इससे खेती, फसल और भूमि से संबंधित जानकारी अधिक पारदर्शी और प्रमाणिक रूप में उपलब्ध हो सकेगी। आने वाले समय में किसानों को फसल बीमा दावों के निपटारे से लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का सीधा और समयबद्ध लाभ दिलाने में यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि यदि तकनीक का उपयोग बेहतर प्रशासनिक योजना, सतत निगरानी और मैदानी अमले की सक्रिय भागीदारी के साथ किया जाए, तो सीमित समय में भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं। डिजिटल क्रॉप सर्वे में जिले का यह उत्कृष्ट प्रदर्शन न केवल प्रदेश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि छत्तीसगढ़ में कृषि व्यवस्था को डिजिटल, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी है।


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