——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

विशेष लेख: डिजिटल रिकॉर्ड से आसान हुआ राजस्व कामकाज, जमीन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भी सरलीकरण

विष्णु प्रसाद वर्मा सहायक संचालक रायपुर, 22 सितंबर 2026। भूमि से जुड़े मामलों में आम लोगों की परेशानी कम करने और राजस्व प्रशासन को अधिक पा...



विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक

रायपुर, 22 सितंबर 2026। भूमि से जुड़े मामलों में आम लोगों की परेशानी कम करने और राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने प्रक्रियाओं में कई बदलाव किए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड, कृषि भूमि की अदला-बदली, अभिलेखों की त्रुटि सुधार और अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई जैसे कदमों से राजस्व प्रकरणों के निराकरण को सरल और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

डिजिटल सिस्टम से रिकॉर्ड भेजना आसान

2 अप्रैल 2025 को जारी विशेष आदेश के तहत भौतिक दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। भारसाधक अधिकारी को सत्यापनकर्ता की जिम्मेदारी देते हुए राजस्व रिकॉर्ड ई-प्रणाली से मंगाया जा रहा है। इससे कागजी प्रक्रिया और रिकॉर्ड के आने-जाने में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिली है।

कृषि भूमि की अदला-बदली के लिए नए निर्देश

कृषकों और भू-स्वामियों को कानून के तहत कृषि भूमि की परस्पर अदला-बदली का अधिकार है। प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और सुविधाजनक बनाने के लिए 21 अक्टूबर 2025 को नए मार्गदर्शी निर्देश जारी किए गए। इससे किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि भूमि के बेहतर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

छोटी गलतियों के सुधार का रास्ता सरल

राजस्व अभिलेखों में नाम, जाति, पता या फसल प्रविष्टि जैसी लिपिकीय त्रुटियों के सुधार के लिए 19 जुलाई 2024 की अधिसूचना के जरिए तहसीलदार को अधिकार दिए गए हैं। इससे मामूली त्रुटियों के मामलों में अनावश्यक लंबी प्रक्रिया से राहत मिलने की व्यवस्था की गई है।

अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई, पुराने निर्देश निरस्त

अवैध प्लाटिंग पर रोक के लिए जनवरी 2026 में सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समितियों के जरिए ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इसके अलावा 23 जुलाई 2024 के आदेश से नगरीय क्षेत्रों में शासकीय और अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन एवं आवंटन से जुड़े 2019, 2020 और 2022 के पुराने परिपत्रों व निर्देशों को निरस्त किया गया है।

राजस्व प्रशासन में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से भूमि संबंधी मामलों के निराकरण को अधिक पारदर्शी और जनसुलभ बनाने की दिशा में बदलाव किए जा रहे हैं।



No comments