2047 के लक्ष्य के लिए आधुनिक शहर, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर जोर; स्टेट कैपिटल रीजन में रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदग...
2047 के लक्ष्य के लिए आधुनिक शहर, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर जोर; स्टेट कैपिटल रीजन में रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव को मिलेगी नई रफ्तार
रायपुर, 24 सितंबर 2026। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण व सुलभ आवास और मजबूत अधोसंरचना की जरूरत बढ़ रही है। राज्य सरकार इसी को ध्यान में रखते हुए रियल एस्टेट सेक्टर के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाएं और निवेश अनुकूल माहौल तैयार कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को नवा रायपुर के निजी होटल में क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर को विकास का भागीदार बनना होगा। उन्होंने उद्यमियों से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित करने का आह्वान किया।
2047 तक 75 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में करीब 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। प्रदेश के पास खनिज, बिजली और जल संसाधनों की उपलब्धता के साथ लगातार बेहतर होती कनेक्टिविटी और मेहनतकश मानव संसाधन है। इन संसाधनों के समन्वित उपयोग से विकास को नई गति दी जा सकती है।
हर परिवार के पक्के घर पर जोर
साय ने कहा कि अपना घर हर परिवार का सपना है। प्रधानमंत्री आवास योजना से देश और प्रदेश में करोड़ों परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा हो रहा है। छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन करीब 1600 प्रधानमंत्री आवास बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवास स्वीकृत किए हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के तहत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी मंजूरी मिली है।
स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा विकास का नया इंजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसमें रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़कर भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है।
स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र में नए अवसर विकसित होंगे। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए शहरों का योजनाबद्ध विकास जरूरी है। इस पूरी प्रक्रिया में रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी।
बस्तर में पर्यटन और होमस्टे से रोजगार
साय ने कहा कि नक्सलवाद की चुनौती से बाहर निकलते हुए बस्तर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान में 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और करीब 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के जरिए शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय संस्कृति पर्यटन की बड़ी ताकत हैं। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। यहां पर्यटक होमस्टे के जरिए स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को करीब से जान रहे हैं।
राज्य सरकार होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा दे रही है। नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे निवेश और स्थानीय रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
400 से ज्यादा सुधार, 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए राज्य में 400 से अधिक सुधार किए गए हैं। शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन करने के साथ ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है। डिजिटलीकरण से पारदर्शिता बढ़ी है और सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में मदद मिली है।
नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिलने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश को अब तक करीब 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरना शुरू हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े क्षेत्र हैं और इनका समन्वित विकास विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगा।
चौधरी बोले- रजिस्ट्री की प्रक्रिया हो रही आसान
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सऐप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया में भी सुधार किए गए हैं।
चौधरी ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। शहरीकरण को केवल शहरों के विस्तार तक सीमित रखने के बजाय आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाओं और नए आर्थिक अवसरों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवाई रेड्डी, राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट प्रतिनिधि और क्रेडाई पदाधिकारी मौजूद रहे।

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