लामकन्हार में मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी सुनी, गांव के विकास के लिए 85 लाख रुपए की घोषणाएं; ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान ...
लामकन्हार में मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी सुनी, गांव के विकास के लिए 85 लाख रुपए की घोषणाएं; ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की प्रधानमंत्री ने की सराहना
रायपुर, 27 सितंबर। कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड का लामकन्हार गांव रविवार को ‘मन की बात’ के 138वें संस्करण का साक्षी बना। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यहां एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम का श्रवण किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख करते हुए इसकी सराहना की। मुख्यमंत्री ने इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित नवाचारों को अब राष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ‘मन की बात’ के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच देते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का लगातार उल्लेख प्रदेशवासियों की मेहनत और सहभागिता का सम्मान है। इससे स्थानीय स्तर पर किए जा रहे अच्छे कार्यों को पहचान मिलने के साथ लोगों को और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलती है।
मुनगा को हर घर तक पहुंचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से मजबूत करने की पहल है। मुनगा आसानी से उपलब्ध होने वाला पोषक आहार है। इसकी पत्तियों, फल और फूल का उपयोग भोजन में किया जाता है तथा इसमें आयरन सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा के पौधे लगाने और इसके पोषण संबंधी लाभों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की।
पोषण से स्वच्छता तक, प्रधानमंत्री ने कई विषयों पर की बात
‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित कई विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।
सितंबर को पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कुपोषण के खिलाफ चल रहे प्रयासों की चर्चा की। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। अभियान के जरिए लोगों को मुनगा को दैनिक खान-पान में शामिल करने और घरों में इसके पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक का भी हो चुका है उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और जनभागीदारी वाले प्रयासों का लगातार उल्लेख होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में मिले ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों की भी प्रधानमंत्री सराहना कर चुके हैं।
उन्होंने कोरिया के जल संचय मॉडल का उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे जरूरत के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास बताते हैं कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार जनभागीदारी से किए गए छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अब बदल रही तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी भय और असुरक्षा का माहौल था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की तस्वीर दिखाई दे रही है। सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में विकास और रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं।
साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार दूरस्थ अंचलों में शांति के साथ विकास और समृद्धि को गति देने में जुटी है।
लामकन्हार में 85 लाख के विकास कार्यों की घोषणा
मुख्यमंत्री ने ग्राम लामकन्हार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय और प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। लामकन्हार में घोषित विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ विद्यार्थियों को भी सुविधाएं मिलेंगी।
‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत अमरूद का पौधा लगाया
‘मन की बात’ के श्रवण के बाद मुख्यमंत्री साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करता है।
कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का श्रवण किया। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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