रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह के ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में युवाओं से संव...
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को रायपुर में आज की जनधारा मीडिया समूह के ‘छत्तीसगढ़ नेक्स्ट यूथ कॉन्क्लेव’ में युवाओं से संवाद किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाली युवा प्रतिभाओं को सम्मानित किया और आज की जनधारा की 36वीं वर्षगांठ पर प्रकाशित ‘आज की जनधारा साहित्यिक वार्षिकी-2026’ का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का युवा प्रतिभाशाली, मेहनती और संभावनाओं से भरा है। युवाओं की नई सोच, ऊर्जा और रचनात्मकता ही प्रदेश के भविष्य की बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि युवा अपनी बात सीधी, सच्ची और साहस के साथ रखें और अपने विचारों व काम के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें। युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानकर बड़े लक्ष्य तय करने और आत्मविश्वास के साथ उन्हें हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को नवाचार, स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक, खेल और कला-संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल रहे हैं। छत्तीसगढ़ के युवा भी अपनी प्रतिभा और मेहनत से विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
‘हर घर मुनगा’ अभियान का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देशभर में हो रहे प्रेरणादायी प्रयासों और जनभागीदारी को सामने लाने का माध्यम बना है। उन्होंने ‘हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि मुनगा पोषण का सहज और स्थानीय स्रोत है। जनभागीदारी के जरिए इसे घर-घर तक पहुंचाकर स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ का संकल्प मजबूत किया जा सकता है।
प्रकृति और संस्कृति ही छत्तीसगढ़ की पहचान
साय ने कहा कि प्रदेश के वन, पहाड़, जलप्रपात, गांवों का जीवन और विविध लोक परंपराएं छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने मधेश्वर पहाड़ और वहां मौजूद शिवलिंग जैसी प्राकृतिक संरचना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की असली आत्मा गांवों, लोकजीवन और संस्कृति में बसती है। सादरी सहित विभिन्न बोलियां, लोककला, लोकगीत और नागपुरी संगीत प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करते हैं। नई पीढ़ी को आधुनिकता के साथ आगे बढ़ते हुए अपनी जड़ों, भाषा-बोली और संस्कृति से भी जुड़े रहना चाहिए।
पिता के निधन के बाद संभाली परिवार की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने अपने जीवन के संघर्षों को भी युवाओं से साझा किया। उन्होंने बताया कि कम उम्र में ही पिता का निधन हो गया था और परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। खेती-बाड़ी के साथ उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं और छोटे भाइयों की शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों ने उन्हें संघर्ष करना और जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटना सिखाया।
उन्होंने युवाओं से कहा कि परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं। कठिनाइयों से घबराने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। परिश्रम, धैर्य और संकल्प के साथ किया गया प्रयास आगे बढ़ने के नए रास्ते खोलता है।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध कलाकार पीयूष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति की सराहना की। उन्होंने पद्म विभूषण स्वर्गीय तीजन बाई को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पंडवानी के माध्यम से महाभारत के पात्रों को जीवंत किया और इस लोककला को देश-दुनिया में पहचान दिलाई। पीयूष मिश्रा ने कार्यक्रम में अपने प्रसिद्ध गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ की प्रस्तुति भी दी।
मुख्यमंत्री ने सम्मानित युवा प्रतिभाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं की प्रतिभा, उपलब्धियों और विचारों को सामने लाने के साथ उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा देते हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सलाहकार कृष्णा दास, विशेष सचिव रजत बंसल, आज की जनधारा के प्रधान संपादक सुभाष मिश्रा सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।

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