रायपुर, 27 सितंबर। महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की लक्ष्मी मांझी के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता ...
रायपुर, 27 सितंबर। महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की लक्ष्मी मांझी के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता खोल दिया है। गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत गोरखपुर के आवास मोहल्ले की रहने वाली लक्ष्मी ने योजना की 31वीं किस्त की राशि बचाकर सिलाई मशीन खरीदी और अब घर से ही सिलाई का काम कर आय अर्जित कर रही हैं।
लक्ष्मी बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि से पहले घरेलू जरूरतें पूरी करने में मदद मिली। इसके बाद उन्होंने राशि बचाकर सिलाई मशीन खरीदने का फैसला किया। मशीन आने के बाद उन्होंने आसपास की महिलाओं और परिवार के लोगों के कपड़े सिलने का काम शुरू कर दिया। अब घरेलू जिम्मेदारियों के साथ वे परिवार की आर्थिक जरूरतों में भी अपना योगदान दे रही हैं।
बच्चों की पढ़ाई में भी दे रहीं सहयोग
सिलाई से होने वाली आमदनी और महतारी वंदन की सहायता राशि का उपयोग लक्ष्मी परिवार की जरूरतों के साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में भी कर रही हैं। उनका कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता ने उन्हें अपने लिए कुछ करने का आत्मविश्वास दिया। जिस राशि से कभी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी होती थीं, उसी में से बचत कर खरीदी गई सिलाई मशीन अब अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है।
उज्ज्वला योजना से रसोई का काम भी आसान
लक्ष्मी को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन भी मिला है। इससे खाना बनाने के लिए स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली और घरेलू काम आसान हुआ। उनका कहना है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने से परिवार की आर्थिक स्थिति संभालने में मदद मिली है।
लक्ष्मी मांझी ने महतारी वंदन योजना सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। उनकी कहानी बताती है कि आर्थिक सहायता का उपयोग यदि स्वरोजगार के लिए किया जाए तो सरकारी योजना परिवार की जरूरतें पूरी करने के साथ महिला के लिए आय और आत्मनिर्भरता का साधन भी बन सकती है।

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