रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, निर्यात, कौशल वि...
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं, निर्यात, कौशल विकास और सरकारी कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
स्टार्टअप और कौशल विकास के लिए ₹500 करोड़
कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके लिए अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। मिशन के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 उभरती तकनीक प्रयोगशालाएं और 5 उद्योग उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। निपुण जॉब इंजन के जरिए उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं का कौशल विकास कर औपचारिक रोजगार से जोड़ा जाएगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वालों के बजाय रोजगार देने वाला बनाने का है।
नई निर्यात नीति से वैश्विक बाजार पर नजर
राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत निर्यात से जुड़ा मजबूत ढांचा और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कृषि और उद्योगों के मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के साथ ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर जोर रहेगा।
नवा रायपुर में बनेगा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान
नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को निशुल्क देने की मंजूरी दी गई है। करीब 200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक और छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां हर साल दीर्घकालीन पाठ्यक्रमों में 1,000 और अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
सरकारी कर्मचारियों को उम्र सीमा में बड़ी राहत
राज्य सरकार के स्थायी-अस्थायी कर्मचारी, निगम-मंडल एवं स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारी, संविदाकर्मी और नगर सैनिक अब अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों के लिए अधिक उम्र तक आवेदन कर सकेंगे। कैबिनेट ने अधिकतम आयु सीमा 38 से बढ़ाकर 45 वर्ष करने को मंजूरी दी है। इसके लिए राज्य शासन एकीकृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
दुर्ग में नया जिला न्यायालय भवन
दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई है। इसके बदले ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि भिलाई इस्पात संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूमि का वर्तमान मूल्य लगभग समान बताया गया है। इससे दुर्ग में आधुनिक न्यायालय परिसर के निर्माण का रास्ता साफ होगा।

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