उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ठेकेदारों को दी कार्रवाई की चेतावनी, महोत्सव से पहले दिखनी चाहिए निर्माण की रफ्...
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने ठेकेदारों को दी कार्रवाई की चेतावनी, महोत्सव से पहले दिखनी चाहिए निर्माण की रफ्तार
रायपुर, 21 सितंबर 2026। करीब 146 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण कार्यों में धीमी प्रगति पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को कबीरधाम जिला पंचायत सभाकक्ष में कॉरिडोर के सभी प्रोजेक्ट की समीक्षा की। कई कार्यों की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर दोनों मंत्रियों ने ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों पर नाराजगी जताई।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए 15-15 दिन की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए और हर पखवाड़े निर्माण स्थल पर उसका परिणाम दिखाई देना चाहिए। लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होने पर जिम्मेदार ठेकेदार को काम से हटाने के साथ अनुबंध की शर्तों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
महोत्सव से पहले दिखे काम का असर
विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर दीर्घकालिक और महत्वपूर्ण परियोजना है। निर्माण में पर्याप्त मशीनरी, मानव संसाधन और अन्य संसाधन लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि काम की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा और निर्माण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी भोरमदेव महोत्सव तक निर्माण कार्यों में स्पष्ट और दिखाई देने वाली प्रगति सुनिश्चित की जाए। पीएमसी, ठेकेदारों और भोरमदेव विकास समिति के बीच लगातार समन्वय रखने तथा पीएमसी की तकनीकी निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए उसकी भूमिका की समीक्षा करने को भी कहा।
8-9 महीने पहले वर्कऑर्डर, फिर भी काम धीमा
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि कई निर्माण कार्यों के कार्यादेश जारी हुए 8 से 9 महीने हो चुके हैं, लेकिन काम की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सभी ठेकेदारों से पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत करने और प्रत्येक 15 दिन के लिए काम का लक्ष्य तय करने को कहा।
मंत्री ने निर्देश दिया कि भोरमदेव महोत्सव से 10 दिन पहले तक निर्धारित कार्य पूरे करने की समय-सीमा तय की जाए। हर 15 दिन में प्रगति की समीक्षा होगी और लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले ठेकेदारों पर अनुबंध के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर की वास्तुकला के अनुरूप हो निर्माण
पर्यटन मंत्री ने निर्देश दिए कि कॉरिडोर के ड्राइंग और डिजाइन में भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, स्वरूप और रंगत का विशेष ध्यान रखा जाए। नए निर्माण मंदिर की ऐतिहासिक पहचान के अनुरूप और उसके साथ सामंजस्यपूर्ण होने चाहिए।
उन्होंने निर्माण स्थल पर ठेकेदार की ओर से एक जिम्मेदार प्रतिनिधि की मौजूदगी अनिवार्य करने को कहा, ताकि पीएमसी, विकास समिति और अधिकारियों के साथ बैठक कर ड्राइंग, डिजाइन और निर्माण संबंधी निर्णय तत्काल लिए जा सकें। सिंचाई, लोक निर्माण विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और प्रभावी निगरानी के निर्देश भी दिए गए।
मुख्य मार्ग से हटेगा अतिक्रमण
समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा-भोरमदेव मुख्य मार्ग और आसपास के क्षेत्र में अतिक्रमण का चिन्हांकन कर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार को सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण की जांच कराने को कहा।
राजस्व और वन विभाग की जमीन का संयुक्त चिन्हांकन कर अतिक्रमण मिलने पर उसे नियमानुसार हटाने के निर्देश दिए गए। अतिक्रमण मुक्त होने वाली उपयुक्त शासकीय जमीन का उपयोग पार्किंग और अन्य जनसुविधाओं के विकास के लिए करने की संभावना तलाशने को भी कहा गया। साथ ही पूरे मार्ग को व्यवस्थित और सुगम बनाने के निर्देश दिए गए।

" alt="" />" alt="" />
" alt="" />" alt="" />
No comments