4.41 करोड़ की लागत से बोकी-आरा मार्ग पर बना उच्चस्तरीय पुल, बारिश में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या होगी दूर रायपुर, 24 सितंबर 2026। जशप...
4.41 करोड़ की लागत से बोकी-आरा मार्ग पर बना उच्चस्तरीय पुल, बारिश में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या होगी दूर
रायपुर, 24 सितंबर 2026। जशपुर जिले में बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में उच्चस्तरीय पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा हो गया है। 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 4 करोड़ 41 लाख 33 हजार रुपए खर्च हुए हैं। पुल शुरू होने से बोकी समेत आसपास के 8 गांवों के 5,100 से अधिक ग्रामीणों को सालभर आवागमन की सुविधा मिलेगी।
पहाड़ी और पठारी क्षेत्र वाले जशपुर जिले में नदी-नालों पर पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। गिरमा नदी पर पुल नहीं होने से बारिश के दिनों में जलस्तर बढ़ने पर बोकी-आरा मार्ग पर आवागमन बाधित हो जाता था। तेज बारिश में नदी का बहाव बढ़ने से ग्रामीणों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में भी परेशानी होती थी। इसका सीधा असर विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और आम लोगों के आवागमन पर पड़ता था।
8 गांवों के 5100 से ज्यादा लोगों को सीधा फायदा
पुल बनने से बोकी, बालाछपर, कोरमकेरा, बिरोपानी, रनपुर, सालेकेरा, नारायणपुर और झिलमिली गांवों के 5,100 से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। अब इन गांवों से स्कूल, बाजार, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
किसानों और व्यापारियों को भी आवागमन में सहूलियत मिलेगी। समय और परिवहन लागत की बचत के साथ क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। बारिश के दौरान भी अब नदी पार करने में जोखिम नहीं रहेगा और सालभर संपर्क बना रहेगा।
रामरेखा धाम जाने वालों को भी मिलेगी सुविधा
बोकी-आरा मार्ग पर पुल बनने से झारखंड के सिमडेगा क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध रामरेखा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आवागमन आसान होगा। सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन को भी सुविधा मिलेगी।
जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों को मंजूरी
जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण को गति दी जा रही है। जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें से दो पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि अन्य पुलों का काम अलग-अलग चरणों में चल रहा है।
गिरमा नदी पर पुल का निर्माण पूरा होने से ग्रामीणों ने खुशी जताई है। उनका कहना है कि बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता था और कई बार गांवों का संपर्क भी बाधित हो जाता था। अब पुल बनने से सालभर आवागमन की सुविधा के साथ समय की बचत और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित होंगी।

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