रोज करीब 100 लीटर दूध का उत्पादन, स्थानीय डेयरी को बेचकर हर माह 1.20 लाख रुपए का कारोबार रायपुर, 4 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री किसान सम्मान नि...
रोज करीब 100 लीटर दूध का उत्पादन, स्थानीय डेयरी को बेचकर हर माह 1.20 लाख रुपए का कारोबार
रायपुर, 4 सितंबर 2026। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की छोटी-छोटी किस्तों की बचत ने रायगढ़ जिले के महापल्ली गांव के 75 वर्षीय किसान परशुराम गुप्ता की जिंदगी में बड़ा बदलाव ला दिया। वर्ष 2020 में योजना के तहत मिली दो-दो हजार रुपए की किस्तों को बचाकर उन्होंने करीब 10 हजार रुपए जुटाए और इसी रकम से अपनी पहली गाय खरीदी। आज यही छोटी शुरुआत 10 गायों के गौ-पालन व्यवसाय में बदल चुकी है।
परशुराम गुप्ता अब प्रतिदिन करीब 100 लीटर दूध का उत्पादन करते हैं। वे स्थानीय डेयरी को 40 रुपए प्रति लीटर की दर से दूध बेच रहे हैं। इससे उनका प्रतिदिन का कारोबार करीब 4 हजार रुपए और महीने का कारोबार लगभग 1.20 लाख रुपए तक पहुंच रहा है।
बचपन का शौक बना आजीविका
परशुराम बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही पशुपालन का शौक रहा है। किसान सम्मान निधि से मिली आर्थिक सहायता ने उनके इस शौक को व्यवसाय में बदलने का अवसर दिया। पहली गाय खरीदने के बाद उन्होंने मेहनत और अनुभव के साथ धीरे-धीरे पशुधन बढ़ाया और आज उनके पास 10 गायें हैं।
उनका कहना है कि शासन की योजनाओं से मिलने वाली छोटी आर्थिक सहायता को यदि किसान योजनाबद्ध तरीके से बचाकर सही जगह निवेश करें, तो वह आगे चलकर आय का स्थायी साधन बन सकती है।
उम्र नहीं बनी आत्मनिर्भरता में बाधा
75 वर्ष की उम्र में भी परशुराम पूरे उत्साह से गौ-पालन में जुटे हुए हैं। किसान सम्मान निधि की बचत से शुरू हुआ उनका यह प्रयास अब सफल व्यवसाय का रूप ले चुका है। उनकी कहानी यह बताती है कि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग, मेहनत और अनुभव साथ हों तो उम्र आत्मनिर्भर बनने की राह में बाधा नहीं बनती।

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