भोपाल/मुंबई। मध्यप्रदेश सरकार को ग्वालियर में विकसित किए जा रहे देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) के लिए मुंबई में आयोजित ...
भोपाल/मुंबई। मध्यप्रदेश सरकार को ग्वालियर में विकसित किए जा रहे देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) के लिए मुंबई में आयोजित निवेशक राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में 1,550 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन निवेशों से 3,600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों और पारदर्शी व्यवस्था के कारण मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने उद्योगों के लिए कई आकर्षक नीतियां लागू की हैं, जिससे देश-विदेश के निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सस्ती बिजली, कुशल श्रमिक और बेहतर कानून-व्यवस्था निवेशकों को आकर्षित कर रही है। रोजगार आधारित उद्योगों को सरकार 5 से 10 वर्ष तक वेतन सहायता भी उपलब्ध करा रही है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित पहली निवेशक राउंड टेबल बैठक में 3,500 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिससे 12 हजार रोजगार सृजित होने की संभावना है। अब मुंबई रोड-शो में भी निवेशकों ने उत्साह दिखाया है।
ग्वालियर का TMZ बनेगा गेम चेंजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में विकसित हो रहा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन आधुनिक अधोसंरचना, वैश्विक स्तर की विनिर्माण सुविधाएं और मजबूत सप्लाई चेन उपलब्ध कराएगा। इसका लाभ दूरसंचार उद्योग के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार को मिलेगा।
उन्होंने उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश को उद्योग विस्तार का विश्वसनीय साझेदार बनाने की अपील करते हुए कहा कि निवेश के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है।
सिंधिया बोले- भारत टेलीकॉम निर्माण में आत्मनिर्भर
केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दूरसंचार क्षेत्र में बड़ी छलांग लगाई है। आज देश दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम बाजार बन चुका है और 50 करोड़ से अधिक 5जी उपभोक्ता हैं।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर के TMZ में निवेशकों को प्लग एंड प्ले सुविधा, 2 रुपए प्रति यूनिट बिजली, 5 हजार रुपए प्रति कर्मचारी वेतन सहायता और 13 हजार रुपए प्रति कर्मचारी प्रशिक्षण सब्सिडी मिलेगी। पहले चरण में 170 एकड़ भूमि विकसित की जा रही है और दिल्ली रोड-शो के बाद 17 कंपनियां निवेश में रुचि दिखा चुकी हैं।
देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन
केंद्रीय दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि ग्वालियर का TMZ देश का पहला समर्पित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन होगा। इससे विश्वस्तरीय टेस्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित होगा और भारत की वैश्विक सप्लाई चेन में भागीदारी मजबूत होगी।
पहले चरण में 170 एकड़, आगे 400 एकड़ विस्तार
अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने बताया कि TMZ के पहले चरण के लिए 170 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जबकि दूसरे चरण में 400 एकड़ अतिरिक्त भूमि विकसित करने की योजना है। यहां छह अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी। सरकार निवेशकों को सस्ती जमीन, बिजली, पानी और कई वित्तीय प्रोत्साहन देगी।
उन्होंने दावा किया कि यदि 12 हजार करोड़ रुपए का निवेश होता है तो सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत 8 हजार करोड़ रुपए तक की सब्सिडी उपलब्ध कराएगी। परियोजना से 10 हजार से अधिक रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
इन कंपनियों ने जताई निवेश की इच्छा
- एमवी इलेक्ट्रोसिस्टम्स – 700 करोड़ रुपए, 1,500 रोजगार
- अनंत सिस्टम्स – 400 करोड़ रुपए, 500 रोजगार
- स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड – 200 करोड़ रुपए, 1,200 रोजगार
- वीएनटी – 150 करोड़ रुपए
- टेसकॉम – 100 करोड़ रुपए, 400 रोजगार
निवेशकों को मिलेंगे ये प्रमुख प्रोत्साहन
- 50% तक पूंजी अनुदान (अधिकतम 200 करोड़ रुपए)
- अनुसंधान एवं विकास (R&D) परियोजनाओं पर 25 करोड़ रुपए तक सहायता
- प्रति कर्मचारी 13 हजार रुपए प्रशिक्षण सहायता
- प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए प्रतिमाह रोजगार प्रोत्साहन
- निर्यात मालभाड़े पर 50% तक प्रतिपूर्ति
- हरित विनिर्माण के लिए विशेष अनुदान
- 1 रुपए प्रीमियम पर भूमि और 1 रुपए प्रति वर्गमीटर वार्षिक लीज
- स्टाम्प शुल्क की 100% प्रतिपूर्ति
- शुरुआती 5 वर्षों तक बिजली पर 2 रुपए प्रति यूनिट की रियायत
- रियायती दर पर जल उपलब्धता
सरकार का दावा है कि इन प्रोत्साहनों और आधुनिक अधोसंरचना के जरिए ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन देश का प्रमुख दूरसंचार उत्पादन केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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