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श्रमिकों को समय पर मिले योजनाओं का लाभ : लखन लाल देवांगन

ई-केवायसी में आवेदन लंबित न रखने के निर्देश, 67 कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा रायपुर, 19 अगस्त। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने अधिकारियों को...




ई-केवायसी में आवेदन लंबित न रखने के निर्देश, 67 कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

रायपुर, 19 अगस्त। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ई-केवायसी प्रक्रिया के तहत किसी भी श्रमिक का आवेदन लंबित न रहे और सभी पात्र श्रमिकों एवं उनके परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर मिले। उन्होंने श्रम विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ मैदानी स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।

मंत्री देवांगन ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य श्रमिक परिवारों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।

नए श्रम कानूनों का अध्ययन करें अधिकारी

बैठक में मंत्री ने भारत सरकार द्वारा बनाए गए चार नए श्रम संहिताओं का अधिकारियों को गंभीरता से अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए जिलों में श्रम कार्यालयों के लिए आवश्यक अधोसंरचना का विस्तार जल्द किया जाएगा, ताकि श्रमिकों को विभागीय सेवाएं आसानी से मिल सकें।

कारखानों की नियमित जांच के निर्देश

मंत्री ने श्रमिक पंजीयन को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने कहा कि ठेकेदार के लाइसेंस में दर्ज श्रमिकों की संख्या के अनुरूप ही वास्तव में श्रमिक कार्यरत हों। कारखानों का नियमित निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलेवार योजनाओं की समीक्षा

बैठक में ऑनलाइन रैंडम निरीक्षण, अभियोजन एवं प्रकरणों के निराकरण, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत पंजीयन सहित विभिन्न योजनाओं की जिलेवार समीक्षा की गई।

इनमें मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना, ई-रिक्शा सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना और बस्तर मुन्ने पोर्टल सहित अन्य योजनाएं शामिल रहीं।

अपात्रों को लाभ मिला तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार

सचिव सह श्रमायुक्त हिमशिखर गुप्ता ने जिलों के श्रम अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलने या शिकायत सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

24 अगस्त को होगा सम्मान समारोह

सचिव गुप्ता ने बताया कि 24 अगस्त को रायपुर में मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर चालू शैक्षणिक सत्र से योजना में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 कर दी गई है।

योजना के तहत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दी जा रही है। इसका पूरा खर्च श्रम विभाग वहन करेगा।

बैठक में अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, अपर श्रमायुक्त सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित विभिन्न जिलों के मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।

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