सड़कों के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल : उप मुख्यमंत्री अरुण साव रायपुर, 19 अगस्त। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत...
सड़कों के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल : उप मुख्यमंत्री अरुण साव
रायपुर, 19 अगस्त। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कहा कि ‘लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण’ के मूलमंत्र के साथ राज्य में अधोसंरचना विकास को नई गति दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग को 12,666 करोड़ रुपए से अधिक लागत के 1572 निर्माण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिली है। इनमें 1285 सड़क, 247 पुल और 42 भवन निर्माण कार्य शामिल हैं।
नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साव ने विभाग की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य का सबसे बड़ा निर्माण विभाग है और सड़क, पुल तथा भवन जैसी अधोसंरचनाओं के निर्माण के जरिए प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
2025-26 में मिली रिकॉर्ड 9129 करोड़ की स्वीकृति
साव ने बताया कि दिसंबर 2023 से मार्च 2024 के बीच 80 कार्यों के लिए 551 करोड़ 42 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इनमें 374 किलोमीटर लंबाई की 72 सड़कें, छह पुल और दो भवन शामिल हैं।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2590 करोड़ 70 लाख रुपए की लागत के 438 कार्यों को मंजूरी मिली। इनमें 1465 किलोमीटर लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। इस दौरान 9129 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली, जो राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में विभाग को मिली सर्वाधिक स्वीकृति है। इस राशि से 5129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कें, 200 पुल और 39 भवन सहित कुल 993 कार्य मंजूर किए गए।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक 608 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण कार्य शामिल हैं।
19 नए कार्यालयों से निगरानी होगी मजबूत
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के साथ विभागीय प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बेहतर संचालन और निगरानी के लिए सात नए संभागीय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे स्वीकृत कार्यों की निगरानी और उनके क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
जल्द लागू होगा ‘वमिस’
लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (डब्ल्यूएएमआईएस-वर्क एंड अकाउंट्स मॉनिटरिंग इंटीग्रेशन सिस्टम) लागू किया जाएगा। इसके जरिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने से लेकर कार्यों की स्वीकृति और अन्य विभागीय प्रक्रियाएं ऑनलाइन एवं एकीकृत प्रणाली के माध्यम से संचालित होंगी।
साव ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था लागू होने से विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी। तकनीक के उपयोग से कामकाज में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निगरानी भी बेहतर होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी और अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे।

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