वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर जनजागरूकता अभियान, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने लिया बाघ बचाने का संकल्प रायपुर, 30 जुलाई। विश्व बाघ दिव...
वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर जनजागरूकता अभियान, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने लिया बाघ बचाने का संकल्प
रायपुर, 30 जुलाई। विश्व बाघ दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में बाघ संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा को लेकर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में प्रदेश के टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यानों और अभ्यारण्यों में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को बाघों और प्राकृतिक पर्यावरण के संरक्षण का संदेश दिया गया।
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि विश्व बाघ दिवस का उद्देश्य बाघों के घटते प्राकृतिक आवास, उनकी सुरक्षा और संरक्षण के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जंगलों का संरक्षण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी है। साथ ही बाघों के अवैध शिकार और उनके अंगों के व्यापार पर प्रभावी रोक लगाना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी और आधुनिक तकनीक के उपयोग से बाघ संरक्षण को और मजबूत बनाया जा सकता है।
गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व में शपथ और सुरक्षा अभियान
गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व के सोनहत, रामगढ़, कमर्जी, जनकपुर और रिहंद रेंज के विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। यहां विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बाघ संरक्षण की शपथ ली।
इस दौरान चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताओं का आयोजन कर प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। लोगों को जागरूक करने के लिए टाइगर पेपर मास्क वितरित किए गए। संवेदनशील क्षेत्रों में शिकार रोकने के लिए एंटी-स्नेर वॉक अभियान चलाया गया तथा डॉग स्क्वॉड की सहायता से सघन गश्त की गई।
उत्तर उदंती क्षेत्र में साइकिल रैली से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उत्तर उदंती परिक्षेत्र के शासकीय हाई स्कूल बड़गांव में चित्रकला, निबंध और क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण पर आधारित फिल्म दिखाई गई और साइकिल रैली निकालकर पर्यावरण एवं बाघ संरक्षण का संदेश दिया गया।
नंदनवन जंगल सफारी में एनसीसी कैडेट्स ने जाना वन्यजीव संरक्षण
रायपुर स्थित नंदनवन जंगल सफारी में लाखोली एनसीसी प्रशिक्षण शिविर के करीब 250 कैडेट्स ने शैक्षणिक भ्रमण किया। कैडेट्स ने वन्यजीवों को करीब से देखा और बाघ संरक्षण के महत्व को समझा।
बारनवापारा अभ्यारण्य में वृक्षारोपण और वन कर्मियों का सम्मान
बारनवापारा अभ्यारण्य में विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया गया। बाघ और जंगलों की सुरक्षा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वन कर्मियों को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा एम-स्ट्राइप्स (M-STrIPES) पेट्रोल ऐप के माध्यम से सर्वाधिक पैदल गश्त करने वाले बीएफओ और सीएफओ को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
जैव विविधता संरक्षण के लिए सरकार प्रतिबद्ध
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता राज्य की अमूल्य धरोहर है। सरकार वन्यजीव संरक्षण, बाघों की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी एवं आधुनिक तकनीक के समन्वय से लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी बाघों और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने तथा लोगों को संरक्षण से जोड़ने के लिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

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