——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

मुख्यधारा से जुड़ रहे पुनर्वासित युवा

वित्तीय साक्षरता कार्यशाला से बढ़ा आत्मविश्वास, 80 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा रायपुर, 29 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आत्मसमर्पित ...



वित्तीय साक्षरता कार्यशाला से बढ़ा आत्मविश्वास, 80 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा

रायपुर, 29 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लागू छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत लगातार प्रभावी पहल की जा रही है। इस नीति का उद्देश्य पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना तथा समाज में नई पहचान दिलाना है। इसके लिए वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, रोजगार के अवसर और जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तत्वावधान में बुधवार को पुनर्वास केंद्र में वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लगभग 80 पुनर्वासित युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय प्रबंधन तथा सरकारी योजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

बैंकिंग सेवाओं और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को बैंकिंग प्रणाली, वित्तीय अधिकारों और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी देना था, ताकि वे सुरक्षित वित्तीय लेन-देन कर सकें, अपनी बचत को बेहतर तरीके से प्रबंधित करें और भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकें।

कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक श्री सत्येंद्र राठौर, अग्रणी जिला अधिकारी श्री नवीन तिवारी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री मनीष कुमार कुशरो तथा श्री कार्तिक राम बाँधेकर ने विशेषज्ञ के रूप में प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।

बचत, वित्तीय अनुशासन और उपभोक्ता अधिकारों पर जोर

अग्रणी जिला अधिकारी श्री नवीन तिवारी ने कहा कि वित्तीय साक्षरता व्यक्ति को अपनी आय, खर्च और बचत का बेहतर प्रबंधन करने में सक्षम बनाती है। उन्होंने बैंकिंग लोकपाल व्यवस्था, उपभोक्ता अधिकारों और बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों से वित्तीय मामलों में सतर्क और जागरूक रहने का आग्रह किया।

साइबर सुरक्षा और सुरक्षित निवेश के बताए उपाय

कार्यशाला में बैंक खाता खोलने एवं संचालन, नियमित बचत की आदत, केवाईसी प्रक्रिया, बैंक ऋण, जमाकर्ताओं एवं ऋणग्राहकों के अधिकार, बैंकिंग लोकपाल व्यवस्था, चिटफंड कंपनियों से बचाव, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की भूमिका तथा साइबर वित्तीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

श्री कार्तिक राम बाँधेकर ने प्रतिभागियों को सलाह दी कि वे केवल अधिकृत बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से ही वित्तीय लेन-देन करें तथा किसी भी संस्था में निवेश करने से पहले उसके पंजीकरण और वैधता की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए ओटीपी, बैंकिंग पासवर्ड और व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की भी सलाह दी।

पुनर्वास को मिल रही नई दिशा

कार्यशाला के माध्यम से पुनर्वासित युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा और उन्हें वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग सेवाओं तथा सरकारी योजनाओं की उपयोगी जानकारी मिली। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम पुनर्वासित युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में समर्पित संस्था की ऑफिस इंचार्ज सुश्री सरिता गंधामी, काउंसलर श्री विकास सोनी, सुश्री सुनीता सोनी तथा अन्य सहयोगियों का विशेष योगदान रहा। प्रशासन ने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की बात कही है, ताकि पुनर्वासित युवाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त नागरिक के रूप में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।


No comments