Pushkar Singh Dhami ने शुक्रवार को देहरादून के निरंजनपुर में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख...
Pushkar Singh Dhami ने शुक्रवार को देहरादून के निरंजनपुर में पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को फ्लैग ऑफ किया। कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में पशुपालक और किसान शामिल हुए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूत करने में पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र की अहम भूमिका है।
90% तक ऋण अनुदान, हजारों युवाओं को मिला रोजगार
सीएम धामी ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन” के तहत पशुधन इकाइयों की स्थापना की जा रही है, जिसमें पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक ऋण अनुदान दिया जा रहा है। गोट वैली और पोल्ट्री वैली जैसी योजनाओं के जरिए भी पशुपालकों को सहायता मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में गौ पालन, बकरी पालन और भेड़ पालन के माध्यम से साढ़े 11 हजार से अधिक लोगों को स्वरोजगार मिला है। वहीं मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन के जरिए करीब 4 हजार युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।
हर ब्लॉक में मोबाइल वेटरनरी यूनिट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए राज्य के 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स संचालित की जा रही हैं। साथ ही हर जिले में मॉडल पशु चिकित्सालय बनाए जा रहे हैं। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सीमांत क्षेत्रों के पशुपालकों को ITBP के माध्यम से सीधा बाजार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त होगा उत्तराखंड
धामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को वर्ष 2030 तक खुरपका-मुंहपका रोग मुक्त राज्य बनाने के लिए चयनित किया है। इससे पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान में बड़ी कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में हर साल करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले वर्ष सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को लगभग 380 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
‘बद्री घी’ को मिला GI टैग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रसिद्ध “बद्री गाय” के ‘बद्री घी’ को देश में पहला GI टैग प्राप्त हुआ है। इससे इसकी गुणवत्ता और विशिष्टता को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिली है।
ट्राउट फार्मिंग को बढ़ावा, 170 करोड़ की योजना
धामी ने बताया कि ट्राउट फार्मिंग को प्रोत्साहन देने के लिए 170 करोड़ रुपये की ट्राउट प्रोत्साहन योजना शुरू की गई है। उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ट्राउट हैचरी स्थापित की जा रही है। सरकार उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के चलते राज्य का मत्स्य क्षेत्र 9 प्रतिशत से अधिक की दर से वृद्धि कर रहा है। पिछले वर्ष केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को हिमालयी राज्यों की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मत्स्य राज्य का सम्मान भी दिया था।
किसानों ने साझा किए सफलता के अनुभव
कार्यक्रम में हरिद्वार के पशुपालक हरिकिशन लखेड़ा ने बताया कि ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना के तहत 50 गायें खरीदने के बाद वे प्रतिदिन 300 लीटर दूध उत्पादन कर रहे हैं। इससे आठ लोगों को रोजगार मिला है और उन्हें हर महीने करीब 1.15 लाख रुपये की शुद्ध आय हो रही है।
वहीं डोईवाला के अमित सिंह ने बताया कि उन्होंने पशु चारे के लिए FPO की स्थापना की, जिसमें 386 लोग जुड़े हैं। तीन वर्षों में उनका कारोबार 10 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है।
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