भोपाल। Madhya Pradesh में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार अभी कैबिनेट विस...
भोपाल। Madhya Pradesh में मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल को लेकर चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। सूत्रों के अनुसार अभी कैबिनेट विस्तार के संकेत नहीं मिल रहे हैं। Mohan Yadav की सरकार अब मंत्रियों और विधायकों का विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार करा रही है, जिसके आधार पर भविष्य में मंत्रिमंडल में बदलाव किए जा सकते हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट कार्ड में मंत्रियों के प्रदर्शन, विभागीय कामकाज, जनसंपर्क और क्षेत्र में सक्रियता जैसे कई पहलुओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इसी आकलन के आधार पर तय होगा कि कौन मंत्री अपने पद पर बना रहेगा और किन चेहरों को बदला जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि करीब 5 से 6 मंत्रियों में बदलाव हो सकता है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्रियों को मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को बरकरार रखा जाएगा। हालांकि फिलहाल सरकार का ध्यान मंत्रिमंडल विस्तार के बजाय राजनीतिक नियुक्तियों को पूरा करने पर है।
जानकारी के अनुसार निगम, मंडल, प्राधिकरण और विभिन्न आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां इसी महीने किए जाने की संभावना है। होली के बाद से ही दिल्ली और भोपाल के बीच इन नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं, लेकिन कुछ नामों पर आपत्ति या वीटो लगने के कारण सूची जारी होने में देरी हो गई।
अब होली के बाद इन नियुक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने की तैयारी है। इसके बाद ही मंत्रिमंडल में फेरबदल या विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह पूरी कवायद सरकार की टीम को मजबूत बनाने और आगामी चुनावों से पहले संगठनात्मक संतुलन बनाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय संतुलन, जातीय समीकरण और मंत्रियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि रिपोर्ट कार्ड तैयार होने के बाद ही मंत्रिमंडल में संभावित बड़े बदलावों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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