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गिरौदपुरी से स्पष्ट संदेश: होली पर ड्राई डे यथावत, नियमों से कोई समझौता नहीं : सीएम साय

abernews बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की आस्था की धरती और सतनाम पंथ के पावन तीर्थ गिरौदपुरी धाम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने होली पर्व को लेकर ब...




abernews बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ की आस्था की धरती और सतनाम पंथ के पावन तीर्थ गिरौदपुरी धाम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने होली पर्व को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि होली के अवसर पर ड्राई डे निरस्त नहीं किया जाएगा। निर्धारित नियमों के अनुरूप ड्राई डे प्रभावी रहेगा और कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।

मुख्यमंत्री साय पवित्र तीर्थ गिरौदपुरी पहुंचे, जहां उन्होंने सतनाम पंथ के प्रवर्तक गुरु घासीदास की जन्मस्थली पर गुरुगद्दी में मत्था टेककर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं से आत्मीय मुलाकात की और अपने हाथों से प्रसाद वितरित कर आशीर्वाद लिया। उनके आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला।

मेले में उमड़ी आस्था की भीड़


गिरौदपुरी मेले के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे। दूर-दराज के गांवों और शहरों से आए श्रद्धालुओं ने जैतखाम के दर्शन कर आस्था व्यक्त की। पूरे परिसर में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा। मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए।

ड्राई डे पर स्पष्ट रुख


मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि होली जैसे बड़े पर्व पर शांति और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दृष्टि से राज्य में पूर्व निर्धारित ड्राई डे को यथावत लागू रखा जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि ड्राई डे निरस्त करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है और नियमों के अनुसार ही पालन कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि त्योहारों के दौरान सामाजिक समरसता और कानून-व्यवस्था को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि होली के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए।

आस्था और प्रशासन का संतुलन

गिरौदपुरी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी सांस्कृतिक विरासत और संत परंपरा से है। गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और सदाचार के संदेश को आत्मसात करते हुए समाज में भाईचारे और शांति का वातावरण बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी अपील की कि पर्व को उल्लास के साथ मनाएं, लेकिन कानून और सामाजिक मर्यादाओं का पालन अवश्य करें।

प्रदेश की खुशहाली की कामना

मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की उन्नति और नागरिकों की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि सरकार जनआस्था और परंपराओं का सम्मान करती है, साथ ही सुशासन और कानून-व्यवस्था को सर्वोपरि मानती है। गिरौदपुरी मेले के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों की भी सराहना की।

गिरौदपुरी की पावन धरती से आया यह संदेश स्पष्ट है—त्योहारों की उमंग के बीच नियमों की मर्यादा कायम रहेगी। सरकार ने संकेत दे दिया है कि होली का रंग उत्सव का होगा, लेकिन कानून की रेखा के भीतर।

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