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रोजी की राह बनी मौत की पटरी: अकलतरा के पास चलती ट्रेन से गिरा युवक, इलाज के दौरान थमा सांस

  abernews जांजगीर-चांपा। मजदूरी कर घर लौट रहे एक युवक की जिंदगी चलती ट्रेन की रफ्तार में छूट गई। अकलतरा रेलवे स्टेशन के पास रविवार को हुए द...

 




abernews जांजगीर-चांपा। मजदूरी कर घर लौट रहे एक युवक की जिंदगी चलती ट्रेन की रफ्तार में छूट गई। अकलतरा रेलवे स्टेशन के पास रविवार को हुए दर्दनाक हादसे में ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। होली से ठीक पहले आई इस खबर ने परिवार और गांव में मातम पसार दिया है।

मृतक की पहचान महाराष्ट्र के गोंदिया जिला के नवे गांव निवासी अंकुश लीला राम सुनवाने के रूप में हुई है। उसके पास मिले आधार कार्ड से पहचान संभव हो सकी। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया, लेकिन सिर पर आई गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बच सकी।

काम के बाद लौट रहा था घर


जानकारी के मुताबिक, अंकुश अपने तीन साथियों के साथ काम के सिलसिले में ओडिशा के संभलपुर गया था। काम समाप्त होने के बाद एक साथी कार से रवाना हुआ, जबकि अंकुश समेत तीन युवक ट्रेन से लौट रहे थे। वे संभलपुर से झारसुगुड़ा होते हुए रायगढ़ पहुंचे, जहां एक युवक उतर गया। शेष दो युवक दुर्ग से ट्रेन बदलकर आमगांव जाने वाले थे।

बताया जा रहा है कि अंकुश देर रात तक काम करने के कारण बेहद थका हुआ था। वह ट्रेन के दरवाजे के पास बैठा था। अकलतरा से आगे कापन के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से वह चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़ा। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने उसे पटरी किनारे गंभीर हालत में देखा और तत्काल सूचना दी।

सूरज एक्सप्रेस से कर रहा था सफर


सूत्रों के अनुसार युवक सूरज एक्सप्रेस से सफर कर रहा था। सूचना मिलने पर जीआरपी ने घायल को अकलतरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि हालत गंभीर होने के बावजूद उसे बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया। आर्थिक जिम्मेदारी लेने की बात कहने के बाद भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। हालांकि इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

होली से पहले घर में पसरा मातम


अंकुश की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। होली के त्योहार से पहले घर में रंग और खुशियों की जगह शोक का सन्नाटा छा गया। गांव में जैसे ही हादसे की खबर पहुंची, शोक की लहर दौड़ गई। परिजन बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें उसकी पार्थिव देह मिलने की सूचना मिली।

जांच में जुटी जीआरपी

अकलतरा जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और क्या सुरक्षा नियमों की अनदेखी इसमें कारण बनी।

यह घटना एक बार फिर चलती ट्रेन के दरवाजे पर बैठकर सफर करने के खतरों की याद दिलाती है। रोजी-रोटी की तलाश में घर से दूर गए युवक की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—सफर की सुरक्षा, आपात चिकित्सा सुविधा और जिम्मेदारियों को लेकर। फिलहाल परिवार न्याय और निष्पक्ष जांच की उम्मीद में है।

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