रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय ने रायपुर स्थित मनोरमा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक...
रायपुर। मैट्स विश्वविद्यालय ने रायपुर स्थित मनोरमा इंडस्ट्रीज लिमिटेड के साथ शैक्षणिक और व्यावसायिक अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ की पहल पर हुए इस समझौते पर कंपनी के उपाध्यक्ष (मानव संसाधन) वी.के. सिंह और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार गोकुलानंद पांडा ने हस्ताक्षर किए।
एमओयू के तहत आइवरी कोस्ट, युगांडा, एस्वातिनी, जिम्बाब्वे, पापुआ न्यू गिनी, सूडान, लाइबेरिया, रवांडा और मोजाम्बिक से आए विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र स्थित कंपनी की इकाई का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने कंपनी की कार्यप्रणाली और उत्पादन प्रक्रिया को करीब से देखा तथा अपने देशों के आसपास प्रस्तावित नई इकाइयों की जानकारी में विशेष रुचि दिखाई।
दौरे के दौरान कंपनी के कार्यकारी निदेशक गौतम कुमार पाल ने विद्यार्थियों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और उत्पादन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल और तिल जैसे कच्चे माल की खरीद पश्चिम अफ्रीका से की जाती है, जिन्हें बिरकोनी स्थित संयंत्र में लाकर तेल, क्रीम, मक्खन और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित किया जाता है।
विद्यार्थियों को उत्पादन इकाई में कच्चे माल से तैयार उत्पाद बनने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अनुभव मिला। साथ ही कंपनी द्वारा अपनाई जा रही पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक पद्धतियों की जानकारी भी दी गई। पारंपरिक ईंधनों के साथ भूसी के उपयोग को प्रदूषण रहित वैकल्पिक ईंधन के रूप में प्रदर्शित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता सामने आई।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे औद्योगिक दौरे उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं और उनके करियर को नई दिशा देते हैं। कुलाधिपति गजराज पगारिया, कुलपति प्रो. के.पी. यादव, महानिदेशक प्रियेश पगारिया और रजिस्ट्रार गोकुलानंद पांडा ने इस सहयोग की सराहना की।
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