प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में समारोह के बने साक्षी, DRG और STF जवानों की कदमताल पर तालियां बजाकर बढ़ाया उत्साह रायपुर, 4 नवंबर। न...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में समारोह के बने साक्षी, DRG और STF जवानों की कदमताल पर तालियां बजाकर बढ़ाया उत्साह
रायपुर, 4 नवंबर। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के 50 ग्रामीणों के लिए गुजरात की यात्रा यादगार बन गई। बस्तर के सुदूर गांवों से निकलकर ये ग्रामीण पहली बार ट्रेन में सफर करते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और भव्य परेड देखी। इस दौरान छत्तीसगढ़ पुलिस के डीआरजी और एसटीएफ जवानों की कदमताल देखकर ग्रामीणों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। ग्रामीणों ने विश्व प्रसिद्ध स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी भ्रमण किया।
सुकमा जिले के अलग-अलग गांवों से पहुंचे 50 सदस्यीय दल के लिए यह यात्रा कई मायनों में खास रही। इनमें बड़ी संख्या ऐसे ग्रामीणों की थी, जिन्होंने अपने जीवन में पहली बार ट्रेन का सफर किया। गांवों की सीमाओं से बाहर निकलकर लंबी रेल यात्रा करना, दूसरे प्रदेश की संस्कृति और परिवेश को करीब से देखना तथा राष्ट्रीय स्तर के भव्य आयोजन का हिस्सा बनना उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव रहा।
राष्ट्रीय मंच पर अपने जवानों की कदमताल देख हुए गौरवान्वित
गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ पुलिस के डीआरजी और एसटीएफ जवानों को परेड में हिस्सा लेते देखा। बस्तर के चुनौतीपूर्ण इलाकों में सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले अपने प्रदेश के जवानों को राष्ट्रीय मंच पर अनुशासित कदमताल करते देख ग्रामीण गौरवान्वित हुए। उन्होंने तालियां बजाकर जवानों का उत्साह बढ़ाया। यह उनके लिए अपने क्षेत्र के सुरक्षा बलों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर देखने और पहचान मिलने का विशेष अवसर था।
सुकमा पुलिस की पहल से मिला देश देखने का अवसर
इस विशेष यात्रा का आयोजन पुलिस अधीक्षक सुकमा मयंक गुर्जर (भापुसे) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में किया गया। उप पुलिस अधीक्षक सपन चौधरी के नेतृत्व में 50 सदस्यीय दल गुजरात पहुंचा। यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेने के साथ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भ्रमण किया और गुजरात की संस्कृति, रहन-सहन तथा परिवेश को करीब से जाना।
वापसी पर एसपी ने किया आत्मीय स्वागत
गुजरात प्रवास से लौटने पर सभी 50 ग्रामीणों का पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर ने अपने कार्यालय में स्वागत किया। उन्होंने प्रत्येक सदस्य को पुष्पगुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया और यात्रा के अनुभव सुने। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार ट्रेन में सफर करने से लेकर प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय समारोह देखने तक का अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृति बन गया है।
इस अवसर पर दल के सदस्यों ने इस विशेष अवसर के लिए सुकमा पुलिस और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह यात्रा महज गुजरात भ्रमण नहीं, बल्कि देश की विविधता, सांस्कृतिक विरासत, एकता और राष्ट्रीय गौरव को करीब से जानने का यादगार अवसर साबित हुई।

" alt="" />" alt="" />
" alt="" />" alt="" />
No comments