अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित, किसानों एवं आम नागरिकों को हो रही असुविधा उत्तर बस्तर कांकेर, 02 नवंबर 202...
अनिश्चितकालीन हड़ताल से राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित, किसानों एवं आम नागरिकों को हो रही असुविधा
उत्तर बस्तर कांकेर, 02 नवंबर 2026, राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए हैं। जिसके कारण राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को असुविधा हो रही है। जिला प्रशासन द्वारा हड़तालरत पटवारियों को तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का संपादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हड़तालरत पटवारियों द्वारा निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने तथा संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में उनके विरुद्ध प्रचलित सेवा नियमों के तहत आगामी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। हड़ताल पर गए जिले के 155 पटवारियों को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) की कार्रवाई के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि जिले के पांच राजस्व अनुविभाग कांकेर, चारामा, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़ एवं पखांजूर में कुल 175 पटवारी पदस्थ हैं। इनमें से 155 पटवारी वर्तमान में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल प्रारंभ होने के बाद से अब तक इन पटवारियों द्वारा अपने कर्तव्यों पर उपस्थित होकर शासकीय कार्यों का संपादन प्रारंभ नहीं किया गया है। पटवारियों की लगातार अनुपस्थिति से राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस), गिरदावरी, एग्रीस्टैक पंजीयन, फसल सत्यापन तथा धान खरीदी के लिए किसानों के अभिलेखों का सत्यापन प्रमुख रूप से शामिल है। इसके अलावा नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्रों से संबंधित जांच और प्रतिवेदन तैयार करने के कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न हो रही है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को देखते हुए किसानों की भूमि एवं फसल संबंधी जानकारी का समय-सीमा में सत्यापन करना अत्यंत आवश्यक है। गिरदावरी, एग्रीस्टैक पंजीयन और फसल सत्यापन जैसे कार्य धान खरीदी की प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है।

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