सिंगापुर/रायपुर, 04 oct, 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर के प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे के अधिक...
सिंगापुर/रायपुर, 04 oct, 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल के साथ सिंगापुर के प्रसिद्ध गार्डन्स बाय द बे के अधिकारियों से औपचारिक बैठक की। बैठक में बागवानी, पर्यावरण संरक्षण, शहरी हरियाली और इको-टूरिज्म के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि बैठक में गार्डन्स बाय द बे के जीएम (मास्टर प्लानिंग) जेसन येओ और डायरेक्टर लिम चियाप सॉन्ग के साथ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। सिंगापुर का गार्डन्स बाय द बे शहरी क्षेत्र में हरियाली, पौध संरक्षण और पर्यटन के बेहतर समन्वय के लिए जाना जाता है। छत्तीसगढ़ इस मॉडल से सीख लेकर अपने शहरों और पर्यटन स्थलों को अधिक हरित और आकर्षक बनाने की दिशा में काम कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गार्डन्स बाय द बे से मिली सीख का उपयोग नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन और राज्य के अन्य हिस्सों में बेहतर ग्रीन स्पेस विकसित करने में किया जा सकता है। आधुनिक तकनीक, बेहतर लैंडस्केपिंग और पर्यावरण संरक्षण के साथ विकसित किए गए ग्रीन स्पेस राज्य के पर्यटन को नई दिशा दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता से समृद्ध राज्य है। यहां के जंगल, जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक पर्यटन स्थल बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में इको-टूरिज्म और हरित विकास को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर पर्यटन सुविधाओं और ग्रीन स्पेस के विकास से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय कारोबार, पर्यटन सेवाओं और रोजगार से जुड़े लोगों को मिल सकता है। बागवानी और संरक्षण के क्षेत्र में विशेषज्ञता का इस्तेमाल छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जा सकता है। मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा नामित किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ को पहली बार SINGForum 2026 में भाग लेने का अवसर मिला है। राज्य सरकार इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की क्षमताओं और संभावनाओं को प्रस्तुत करने के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है। इस दौरान छत्तीसगढ़ के हरित विकास, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनुभवों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर साझा करने के साथ-साथ दूसरे देशों के सफल मॉडलों से सीख लेने पर भी जोर दिया जा रहा है।

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