——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

‘शब्दबीज’ से भाषा सीख रहे बच्चे, धागे से समझी खाद्य श्रृंखला

सूरजपुर की प्राथमिक शालाओं में नई पहल, निरीक्षण के दौरान कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास कराने के निर्देश रायपुर, 16 अक्टूबर। सूरजपुर...



सूरजपुर की प्राथमिक शालाओं में नई पहल, निरीक्षण के दौरान कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास कराने के निर्देश

रायपुर, 16 अक्टूबर। सूरजपुर जिले के सरकारी स्कूलों में बच्चों की भाषा दक्षता बढ़ाने के लिए ‘शब्दबीज’ नवाचार शुरू किया गया है। इसके तहत विद्यार्थियों को रोज नए शब्दों के अर्थ समझने, वाक्य बनाने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का अभ्यास कराया जा रहा है। कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन में संचालित इस पहल का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने-लिखने की रुचि बढ़ाना और पढ़ाई को रोचक बनाना है।

इसी क्रम में शिक्षा विभाग की टीम ने रजबहर के हाई स्कूल, माध्यमिक शाला और प्राथमिक शाला सहित ओड़गी विकासखंड के दवनसरा स्थित प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने शिक्षण गतिविधियों, विद्यार्थियों की समझ और शैक्षणिक गुणवत्ता का जायजा लिया।

शब्दबीज पट्टिका से सीख रहे नए शब्द

प्राथमिक शाला दवनसरा में शब्दबीज पट्टिका के जरिए बच्चों को नए शब्दों से परिचित कराया जा रहा है। विद्यार्थी इनके अर्थ समझने के साथ वाक्यों में प्रयोग का अभ्यास भी कर रहे हैं। इससे उनकी शब्द संपदा, भाषायी समझ और अभिव्यक्ति क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

धागे से समझाया खाद्य श्रृंखला का महत्व

हाई स्कूल रजबहर की दसवीं कक्षा में जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू ने धागे की मदद से विद्यार्थियों को खाद्य श्रृंखला समझाई। इस गतिविधि के जरिए बताया गया कि पारिस्थितिकी तंत्र में हर जीव की अहम भूमिका होती है और एक कड़ी टूटने से पूरी खाद्य श्रृंखला प्रभावित हो सकती है।

वहीं, माध्यमिक शाला रजबहर की छठवीं कक्षा में ‘हमारी सांस्कृतिक जड़ें’ पाठ के दौरान विद्यार्थियों से सवाल पूछकर उनकी समझ और कक्षा में सहभागिता का आकलन किया गया।

कमजोर विद्यार्थियों पर रहेगा विशेष ध्यान

निरीक्षण के दौरान हाई स्कूल रजबहर के परीक्षा परिणामों और विद्यार्थियों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त अभ्यास कराएं और बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं।

जिला प्रशासन का जोर नवाचार आधारित शिक्षण के साथ बच्चों की बुनियादी भाषा दक्षता मजबूत करने और कक्षाओं में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर है।


No comments