——

Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Pages

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

ब्रेकिंग :

latest

Breaking News

- Advertisement - Ads " alt="" />" alt="" />

सेवा की कहानी : सेंट्रिंग प्लेट, टेंट हाउस, ट्रैक्टर एवं मिक्सर मशीन का संचालन कर रहीं हैं सुमित्रा

आर्थिक आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल बनी सुमित्रा यादव रायपुर, 12 अक्टूबर 2026,निरंतर मेहनत करने का जुनून और उसका आत्मविश्व...



आर्थिक आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की जीवंत मिसाल बनी सुमित्रा यादव

रायपुर, 12 अक्टूबर 2026,निरंतर मेहनत करने का जुनून और उसका आत्मविश्वास व्यक्ति के सफलता की राह बनाता है। ऐसे ही कडे इरादे वाली श्रीमती सुमित्रा अब अपने गांव की एक पहचान बन रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार के साथ मिलकर सफल उद्यमी के रूप में नई पहचान भी स्थापित कर रही हैं। इसी का प्रेरणादायक उदाहरण हैं कोरिया जिले के ग्राम कंचनपुर की श्रीमती सुमित्रा यादव, जिन्होंने खेती पर निर्भर परिवार को आज चार अलग-अलग आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आर्थिक समृद्धि की नई मिसाल प्रस्तुत की है।

खेतिहर परिवार का संघर्ष

    बिहान योजना से जुड़ने से पहले सुमित्रा यादव का परिवार मुख्य रूप से कृषि कार्य पर निर्भर था। परिवार के पास ऋण लेकर खरीदा गया एक ट्रैक्टर था, जिसका उपयोग खेती एवं कृषि संबंधी कार्यों में किया जाता था। कृषि कार्य से होने वाली आय सीमित एवं मौसम पर आधारित होने के कारण परिवार की आर्थिक कठिनाई जस की तस बनी हुई थी। ऐसे में पैसों की आवश्यकताओं को पूरा करने और भविष्य के लिए बचत करना नामुमकिन हो रहा था।

बिहान से हुई शुरूआत

    सुमित्रा यादव के जीवन में महत्वपूर्ण बदलाव की शुरुआत शक्ति महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद हुई। समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक सहयोग एवं आजीविका विस्तार का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने समूह से ढाई लाख रूपए का ऋण लेकर अपने परिवार के साथ व्यवसाय की नई संभावनाओं पर कार्य किया। समूह से प्राप्त वित्तीय सहयोग और परिवार के सदस्यों की संयुक्त मेहनत से उन्होंने आजीविका को आगे बढ़ाते हुए सेंट्रिंग प्लेट, टेंट हाउस, ट्रैक्टर एवं मिक्सर मशीन से संबंधित चार अलग-अलग व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन प्रारंभ किया। निर्माण कार्यों में सेंट्रिंग प्लेट एवं मिक्सर मशीन की उपयोगिता तथा सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों में टेंट हाउस की मांग बढती रही। इन चारों गतिविधियों के संचालन में सुमित्रा यादव के पति एवं परिवार के अन्य सदस्यों ने भी सक्रिय सहयोग दिया। परिवार के सामूहिक प्रयास, मेहनत और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

सात लाख से ज्यादा वार्षिक आय

    आज सुमित्रा यादव के परिवार की वार्षिक आय 7 लाख 60 हजार से अधिक हो चुकी है।यह उपलब्धि उनके परिवार की आर्थिक प्रगति और आजीविका विविधीकरण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। पहले जहां परिवार की आय मुख्य रूप से कृषि एवं ट्रैक्टर संबंधी कार्यों पर निर्भर थी, वहीं आज विभिन्न व्यवसायों से आय अर्जित होने के कारण आर्थिक स्थिरता और भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ा है। आर्थिक प्रगति के साथ सुमित्रा यादव के सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन आया है। पहले उनकी भूमिका मुख्य रूप से खेती और पारिवारिक जिम्मेदारियों तक सीमित थी, जबकि आज वे अपने परिवार के साथ विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियों में सहभागी बनकर एक सफल महिला उद्यमी के रूप में पहचान स्थापित कर रही हैं।

No comments