छत्तीसगढ़ में पहली बार उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का विनिर्माण, क्रॉम्पटन-हैवेल्स जैसे ब्रांडों के लिए भी बनेंगे उत्पाद रायपुर, 16 अक्टूबर। छ...
छत्तीसगढ़ में पहली बार उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स का विनिर्माण, क्रॉम्पटन-हैवेल्स जैसे ब्रांडों के लिए भी बनेंगे उत्पाद
रायपुर, 16 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई दिशा देते हुए नवा रायपुर में यश फैंस के विनिर्माण संयंत्र का भूमिपूजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में शुरू हुई इस परियोजना में 152.74 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। संयंत्र से करीब 3,500 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में पहली बार उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के विनिर्माण की शुरुआत होगी।
राज्य सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत निवेश बढ़ाने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। यश फैंस की यह परियोजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा, बल्कि पुर्जों की आपूर्ति, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य सहायक व्यवसायों को भी काम मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। औद्योगिक नीति का उद्देश्य प्रदेश में निवेश बढ़ाने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संयंत्र छत्तीसगढ़ को उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में मदद करेगा।
क्रॉम्पटन, हैवेल्स और उषा जैसे ब्रांडों के लिए बनेंगे उत्पाद
हैदराबाद स्थित यश फैंस इलेक्ट्रिक पंखों और रसोई उपकरणों का निर्माण करती है। कंपनी क्रॉम्पटन, हैवेल्स, उषा और मिल्टन जैसे प्रमुख ब्रांडों के लिए उत्पाद बनाती है। नवा रायपुर में संयंत्र शुरू होने के बाद इन ब्रांडों के लिए भी छत्तीसगढ़ में उत्पादों का निर्माण किया जाएगा।
कंपनी के अध्यक्ष रितेश नरेड़ी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कच्चे माल की उपलब्धता, देशभर के बाजारों तक पहुंच के लिए अनुकूल भौगोलिक स्थिति, कार्यबल और सरकार का सहयोग विनिर्माण विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। कंपनी के हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश में पहले से 12 विनिर्माण संयंत्र संचालित हैं। नवा रायपुर की इकाई छत्तीसगढ़ में कंपनी का पहला संयंत्र होगा।
कच्चे माल से तैयार उत्पाद बनाने की ओर बढ़ेगा प्रदेश
छत्तीसगढ़ की पहचान देश के प्रमुख स्टील, कोयला और बिजली उत्पादक राज्यों में रही है। अब राज्य में उपलब्ध औद्योगिक संसाधनों के आधार पर तैयार उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। यश फैंस का संयंत्र इस बदलाव की दिशा में एक कदम है।
स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल का इस्तेमाल कर तैयार उत्पादों के निर्माण से प्रदेश में मूल्य संवर्धन की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं, परिवहन कारोबारियों और छोटे उद्यमों को भी नए अवसर मिल सकते हैं। बस्तर सहित आदिवासी बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी औद्योगिक रोजगार से जोड़ने की संभावनाएं हैं। इसके लिए कौशल प्रशिक्षण और भर्ती के अवसरों तक उनकी पहुंच महत्वपूर्ण होगी।
‘मेड इन छत्तीसगढ़’ को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ लंबे समय से स्टील, कोयला और बिजली के माध्यम से देश की औद्योगिक प्रगति में योगदान दे रहा है। अब प्रदेश तैयार उत्पादों के विनिर्माण में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रहा है। उन्होंने यश फैंस का स्वागत करते हुए कंपनी को राज्य सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन दिया। यह पहल केंद्र सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के अनुरूप है।
परियोजना से रोजगार और औद्योगिक विकास को कितना लाभ मिलेगा, यह संयंत्र के संचालन, स्थानीय भर्ती और सहायक उद्योगों की भागीदारी पर निर्भर करेगा। इसके शुरू होने से नवा रायपुर में विनिर्माण गतिविधियों के विस्तार और प्रदेश में नए औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।


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