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ब्रेल पुस्तक से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को मिलेंगे अधिकार और योजनाओं की जानकारी

‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का विमोचन, प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क पहुंचाई गई पुस्तक रायपुर, 29 सितंबर 2026। दृ...



‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का विमोचन, प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क पहुंचाई गई पुस्तक

रायपुर, 29 सितंबर 2026। दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को अपने कानूनी अधिकारों, शासकीय योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी अब ब्रेल लिपि में मिलेगी। इसी उद्देश्य से तैयार की गई विशेष पुस्तक ‘दिव्यांग अधिकार और प्रेरक कहानियां’ का मंगलवार को राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विमोचन किया।

विमोचन के दौरान वर्मा ने कहा कि ज्ञान और अवसर पर हर बच्चे का समान अधिकार है। यह पुस्तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ संघर्ष से सफलता तक पहुंचने वाले प्रेरक व्यक्तित्वों की कहानियां भी बताएगी। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।

पूरी तरह ब्रेल में तैयार पुस्तक

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुस्तक को पूरी तरह ब्रेल लिपि में तैयार किया गया है। इसमें दिव्यांगजनों के अधिकारों और उनके लिए उपलब्ध अवसरों के साथ उन लोगों की प्रेरक कहानियां शामिल हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सफलता हासिल की।

राष्ट्रपति और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिकाओं ने किया संपादन

पुस्तक का संपादन राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका के. शारदा और राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रीति शांडिल्य ने किया है। दोनों लंबे समय से समावेशी शिक्षा और दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए सुलभ शैक्षणिक सामग्री तैयार करने के क्षेत्र में काम कर रही हैं।

प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क वितरण

विमोचन के बाद पुस्तक की प्रतियां प्रदेश की 20 दृष्टिबाधित शालाओं में नि:शुल्क वितरित की गईं। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक अधिकार, योजनाओं और प्रेरक प्रसंगों से जुड़ी जानकारी पहुंचाना है।

यह पहल दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


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