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खेत से जापान तक पहुंची नगरी दुबराज की खुशबू, महिला किसानों ने बनाया वैश्विक ब्रांड

गट्टासिल्ली एफपीओ की पहल से जीआई टैग वाले पारंपरिक चावल को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार; अमेजन, ओएनडीसी और ट्राइब्स इंडिया पर भी उपलब्ध रायपुर...



गट्टासिल्ली एफपीओ की पहल से जीआई टैग वाले पारंपरिक चावल को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार; अमेजन, ओएनडीसी और ट्राइब्स इंडिया पर भी उपलब्ध

रायपुर, 29 सितंबर 2026। धमतरी जिले के नगरी अंचल का पारंपरिक सुगंधित चावल ‘नगरी दुबराज’ अब खेत और स्थानीय बाजारों की सीमाओं से निकलकर देश-दुनिया में पहचान बना रहा है। कभी गांवों की रसोई तक सीमित रहने वाला यह चावल अब देश के कई राज्यों के साथ जापान तक पहुंच चुका है। इस बदलाव की कहानी की सबसे अहम कड़ी हैं नगरी की महिला किसान, जिन्होंने गट्टासिल्ली फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) के जरिए खेती को कारोबार और परंपरा को ब्रांड में बदलने की पहल की है।

जीआई टैग ने बढ़ाया बाजार का दायरा

‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत नगरी दुबराज को सिर्फ कृषि उपज नहीं, बल्कि नगरी अंचल की पीढ़ियों पुरानी कृषि और सांस्कृतिक विरासत के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। अपनी विशिष्ट सुगंध और स्वाद के कारण इस पारंपरिक चावल को जीआई टैग प्राप्त है। गट्टासिल्ली एफपीओ ने किसानों को संगठित कर इसे जैविक उत्पादन, मूल्य संवर्धन, बेहतर पैकेजिंग और ब्रांडिंग से जोड़ा, जिससे स्थानीय उपज को प्रीमियम उत्पाद के रूप में बाजार मिला।

महिला किसानों ने संभाली कारोबार की कमान

इस पूरी पहल की खास बात इसका महिला नेतृत्व है। नगरी की महिलाएं अब सिर्फ खेतों में काम करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एफपीओ के प्रबंधन से लेकर गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग, सामूहिक सौदेबाजी और डिजिटल मार्केटिंग तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इससे महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के साथ उनमें उद्यमिता का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।

जापान पहुंची नगरी की खुशबू

गुणवत्ता मानकों, जैविक पद्धति और वैज्ञानिक पैकेजिंग के जरिए तैयार नगरी दुबराज की खेप जापान भेजी गई है। देश के विभिन्न राज्यों में भी इसकी मांग है। एफपीओ की यह पहल बताती है कि स्थानीय और पारंपरिक कृषि उत्पाद को बेहतर गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ा जाए तो गांव की उपज भी अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकती है।

एक क्लिक पर देशभर में उपलब्ध

नगरी दुबराज को उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंचाने के लिए एफपीओ ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का भी सहारा लिया है। यह चावल अब अमेजन, ओएनडीसी और ट्राइब्स इंडिया जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। यानी देश के किसी भी हिस्से में बैठा उपभोक्ता इसे ऑनलाइन मंगा सकता है।

प्रशासन और प्रदान का मिला सहयोग

इस पहल को आगे बढ़ाने में धमतरी जिला प्रशासन के मार्गदर्शन के साथ गैर-सरकारी संस्था ‘प्रदान’ का भी सहयोग रहा है। संस्था ने महिला किसानों के क्षमता निर्माण, जैविक खेती के प्रशिक्षण, एफपीओ को मजबूत करने और बाजार से सीधे जोड़ने में तकनीकी व रणनीतिक मदद दी।

गट्टासिल्ली एफपीओ का लक्ष्य नगरी दुबराज को केवल एक उत्पाद के रूप में नहीं, बल्कि नगरी अंचल की पहचान के रूप में स्थापित करना है। महिला नेतृत्व, पारंपरिक ज्ञान, आधुनिक तकनीक और बाजार से जुड़ाव का यह मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नए अवसर पैदा कर रहा है।


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