सपत्नीक भगवान लिंगराज के किए दर्शन-पूजन, बोले- प्राचीन मंदिर सनातन संस्कृति और स्थापत्य कौशल के जीवंत प्रतीक भुवनेश्वर, 20 सितंबर। मुख्यम...
सपत्नीक भगवान लिंगराज के किए दर्शन-पूजन, बोले- प्राचीन मंदिर सनातन संस्कृति और स्थापत्य कौशल के जीवंत प्रतीक
भुवनेश्वर, 20 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को भुवनेश्वर प्रवास के दौरान प्रसिद्ध भगवान लिंगराज मंदिर पहुंचकर सपत्नीक दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विधि-विधान से भगवान लिंगराज की पूजा-अर्चना कर छत्तीसगढ़ के नागरिकों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भगवान लिंगराज की पावन भूमि पर आकर दर्शन करने का सौभाग्य मिला। मंदिर परिसर की दिव्यता और आध्यात्मिक वातावरण मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है। उन्होंने भगवान लिंगराज से छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति और प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
साय ने लिंगराज मंदिर की भव्य स्थापत्य कला की सराहना करते हुए कहा कि भारत के प्राचीन मंदिर केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि हजारों वर्षों पुरानी सभ्यता, संस्कृति और शिल्प परंपरा के जीवंत प्रतीक हैं। लिंगराज मंदिर की भव्यता और उत्कृष्ट वास्तुकला सनातन संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ भौगोलिक रूप से पड़ोसी राज्य होने के साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप से भी गहराई से जुड़े हैं। दोनों राज्यों की लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत में अनेक समानताएं हैं। ऐसी यात्राएं साझा सांस्कृतिक चेतना और दोनों राज्यों के आत्मीय संबंधों को और मजबूत करती हैं।

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