बोले- विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत युवा आबादी, अगले 10-20 साल में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने होंगी नई चुनौतियां नवा रायपुर में BMC छत्तीस...
बोले- विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत युवा आबादी, अगले 10-20 साल में स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने होंगी नई चुनौतियां
नवा रायपुर में BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में देशभर से जुटे विशेषज्ञों का किया स्वागत
रायपुर, 20 सितंबर 2026। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि भारत की युवा आबादी देश की आर्थिक प्रगति की सबसे बड़ी ताकत है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए इस युवा शक्ति का स्वस्थ रहना जरूरी है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के साथ जागरूकता, समय पर जांच, शुरुआती पहचान, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं पर भी लगातार काम करना होगा।
वित्त मंत्री शनिवार को नवा रायपुर में बाल्को मेडिकल सेंटर, eCancer और टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा आयोजित चतुर्थ वार्षिक BMC छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव-2026 में शामिल हुए। “Restoring Balance to Cancer Care” थीम पर आयोजित कॉन्क्लेव में उन्होंने कैंसर केयर, स्वास्थ्य सेवाओं की भविष्य की चुनौतियों और स्वस्थ मानव संसाधन तैयार करने की जरूरत पर विचार रखे।
देश की औसत आयु 29, छत्तीसगढ़ की 24 वर्ष
ओपी चौधरी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है। देश की औसत आयु करीब 29 वर्ष, जबकि छत्तीसगढ़ की औसत आयु करीब 24 वर्ष है। देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। यह युवा आबादी भारत की आर्थिक विकास यात्रा की रीढ़ है।
उन्होंने कहा कि आने वाले 10 से 20 वर्षों में देश की जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव होगा और आबादी की औसत आयु बढ़ेगी। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आर्थिक रूप से विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ता भारत स्वास्थ्य के मोर्चे पर पीछे न रह जाए। स्वस्थ मानव संसाधन किसी भी तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था की बुनियादी जरूरत है। इसलिए स्वास्थ्य क्षेत्र में समय रहते तैयारी, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, विशेषज्ञ सेवाएं और शोध को बढ़ावा देना जरूरी है।
स्वस्थ आबादी ही विकसित भारत की आधारशिला
वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक विकास की गति के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करना होगा। युवा आबादी देश की आर्थिक शक्ति है, लेकिन उसे स्वस्थ रखना उतना ही महत्वपूर्ण है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए उपचार के साथ रोकथाम, जागरूकता, समय पर जांच और बीमारी की शुरुआती पहचान पर जोर देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञ सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ कैंसर के क्षेत्र में शोध को भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके।
एक मेडिकल कॉलेज से 20 से ज्यादा की दिशा में छत्तीसगढ़
ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य गठन के शुरुआती वर्षों में पूरे प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था। करीब 25-26 वर्ष पहले राज्य पीएमटी में करीब 50वीं रैंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी मेडिकल सीट पाना कठिन था, क्योंकि पूरे प्रदेश में रायपुर में केवल एक मेडिकल कॉलेज था।
उन्होंने कहा कि उस स्थिति से आगे बढ़ते हुए छत्तीसगढ़ ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है। आने वाले दो वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 20 से अधिक होने की दिशा में राज्य आगे बढ़ रहा है।
नवा रायपुर में देशभर के विशेषज्ञों का स्वागत
वित्त मंत्री ने बाल्को मेडिकल सेंटर और सर्जिकल रिसर्च फाउंडेशन की ओर से छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सकों और संस्थाओं का आभार जताया। उन्होंने डॉ. यशवंत कश्यप, डॉ. दिवाकर पांडे, डॉ. आलोक कुमार स्वाइन और डॉ. अभिनव इंगले सहित आयोजन से जुड़े चिकित्सकों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे विशेषज्ञ चिकित्सकों का नवा रायपुर में स्वागत करते हुए कहा कि नवा रायपुर छत्तीसगढ़ की ग्रीन कैपिटल सिटी है और इसे ग्रीनफील्ड सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने शहर के नियोजित विकास, हरित क्षेत्रों और मनोरंजन सुविधाओं का उल्लेख करते हुए विशेषज्ञों से कॉन्क्लेव के साथ नवा रायपुर को भी देखने और समझने का आग्रह किया।
शोध और विशेषज्ञ सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर के विकास में स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और आधुनिक संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजन चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच उपलब्ध कराते हैं। इससे कैंसर उपचार में नई तकनीकों और बेहतर उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
कॉन्क्लेव में देश के विभिन्न हिस्सों से आए चिकित्सक, कैंसर विशेषज्ञ और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान कैंसर केयर को अधिक प्रभावी, संतुलित और मरीज-केंद्रित बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार-विमर्श किया।

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