8 और 9 सितंबर को दुर्ग और राजनांदगांव में होंगी बैठकें, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों से होगी चर्चा रायपुर, 6 सितंबर 202...
8 और 9 सितंबर को दुर्ग और राजनांदगांव में होंगी बैठकें, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों से होगी चर्चा
रायपुर, 6 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में राज्य सरकार की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रदेश में समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति अब जमीनी स्तर पर सामाजिक और प्रशासनिक समन्वय बनाने में जुट गई है। इसी कड़ी में दुर्ग संभाग से जन-संवाद की शुरुआत की जा रही है।
समिति की ओर से दुर्ग संभाग के सभी जिलों के प्रमुखों, प्रबुद्धजनों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों के साथ 8 और 9 सितंबर को वृहद समूह चर्चा और परिचयात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में समान नागरिक संहिता के दूरगामी प्रभावों और संभावित प्रावधानों को लेकर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।
दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन में दुर्ग संभाग के अलग-अलग जिलों को केंद्रित करते हुए बैठकें होंगी। 8 सितंबर को दुर्ग में दोपहर 12 बजे से बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें दुर्ग, बालोद और बेमेतरा जिले के प्रतिनिधि शामिल होंगे। वहीं 9 सितंबर को राजनांदगांव में दोपहर 12 बजे से बैठक होगी, जिसमें राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों का प्रतिनिधित्व रहेगा।
हर वर्ग की आवाज को मिलेगी जगह
समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार करने में समाज के हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए समिति ने व्यापक रूपरेखा तैयार की है। बैठकों में राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, शिक्षाविदों, पद्मश्री से सम्मानित हस्तियों, निगम-मंडल एवं आयोगों के प्रतिनिधियों के साथ प्रतिष्ठित और विशिष्ट नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया है।
समिति का उद्देश्य विभिन्न वर्गों के विचारों और सुझावों को समझते हुए ऐसा समावेशी प्रारूप तैयार करना है, जो विधिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से प्रदेश के नागरिकों के हितों का संरक्षण कर सके। जन-संवाद की यह प्रक्रिया आगे भी प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों में जारी रहने की संभावना है।

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