मेटागुड़ा में लगी चौपाल, जमीन पर बैठकर कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं; आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला भवन को मिली तत्काल स्वीकृति सिंचा...
मेटागुड़ा में लगी चौपाल, जमीन पर बैठकर कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं; आंगनबाड़ी और प्राथमिक शाला भवन को मिली तत्काल स्वीकृति
सिंचाई, तालाब, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांगों पर भी मौके से आगे बढ़ी कार्रवाई
रायपुर, 5 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान गांव में ही सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। इसी मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए मेटागुड़ा गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में मौके से ही कार्रवाई शुरू की।
मेटागुड़ा गांव के ग्रामीण दो दिन पहले स्कूल, आंगनबाड़ी भवन सहित विभिन्न मांगों को लेकर ट्रैक्टर से जिला मुख्यालय सुकमा पहुंचे थे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने के बाद कलेक्टर श्री अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री मुकुंद ठाकुर सहित प्रशासनिक अमला शुक्रवार को किस्ताराम से करीब 20 किलोमीटर दूर पालाचलमा पंचायत के मेटागुड़ा गांव पहुंचा। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ बाइक से गांव पहुंचे और ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं जानीं।
पेड़ की छांव में लगी चौपाल, जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं
गांव पहुंचने पर कलेक्टर श्री अमित कुमार और अधिकारियों ने पेड़ की छांव में ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई। कलेक्टर ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों की बातें सुनीं और उनकी मांगों की एक-एक कर जानकारी ली। इस दौरान मेटागुड़ा में आंगनबाड़ी भवन तथा आमापेंटा में प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए तत्काल स्वीकृति आदेश जारी किए गए।
ग्रामीणों ने गांव की बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपनी अपेक्षाओं से प्रशासन को अवगत कराया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को ग्रामीणों की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सिंचाई सुविधा बढ़ेगी, रोजगार के अवसर भी मिलेंगे
ग्रामीणों की सिंचाई सुविधा से जुड़ी मांगों को भी प्राथमिकता दी गई। गांव में नहर विकास कार्य के साथ वीबी-जी रामजी के अंतर्गत तालाब निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों से जहां सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा, वहीं ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे।
दो माह में बिजली पहुंचाने का आश्वासन
मेटागुड़ा में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों ने ग्रामीणों को लगभग दो माह के भीतर विद्युत सुविधा पहुंचाने का आश्वासन दिया। वहीं सड़क निर्माण की मांग पर डीपीआर तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। इससे गांव को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ी है।
सोमवार को गांव में लगेगा विशेष शिविर
ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजों से जोड़ने के लिए सोमवार को मेटागुड़ा में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में वोटर आईडी, आधार कार्ड, राशन कार्ड, श्रम कार्ड और आयुष्मान कार्ड से संबंधित कार्य किए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को आवश्यक दस्तावेज बनवाने के साथ शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा मिलेगी।
मेटागुड़ा में प्रशासनिक अमले के सीधे गांव पहुंचने और ग्रामीणों के साथ बैठकर संवाद करने से स्थानीय समस्याओं को मौके पर समझने और उनके समाधान की प्रक्रिया को गति मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और तत्काल कार्रवाई शुरू करने के लिए जिला प्रशासन का आभार जताया।

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