फौती नामांतरण के बाद बी-1 में दर्ज हुआ नाम, किसान हितैषी योजनाओं से जुड़ने की राह हुई आसान रायपुर, 24 सितंबर 2026। जिस कृषि भूमि पर वर्षो...
फौती नामांतरण के बाद बी-1 में दर्ज हुआ नाम, किसान हितैषी योजनाओं से जुड़ने की राह हुई आसान
रायपुर, 24 सितंबर 2026। जिस कृषि भूमि पर वर्षों से खेती कर जशपुर जिले के ग्राम कंडोरा निवासी किसान रतम राम अपने परिवार का जीवन चला रहे थे, उसके राजस्व रिकॉर्ड में अब भी उनके दिवंगत पिता का नाम दर्ज था। पिता के निधन के कई साल बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से उन्हें जमीन से जुड़े कामकाज और किसान हितैषी योजनाओं की प्रक्रियाओं में परेशानी हो रही थी।
लोक सेवा गारंटी के तहत आवेदन करने के बाद उनकी यह समस्या समय-सीमा में दूर हो गई। राजस्व विभाग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फौती नामांतरण किया गया और बी-1 में रतम राम का नाम दर्ज कर दिया गया। इससे उन्हें अपनी जमीन से जुड़े अधिकारों और शासकीय प्रक्रियाओं में आगे बढ़ने की राह आसान हो गई।
पिता के निधन के बाद भी रिकॉर्ड में था उनका नाम
रतम राम के पिता स्वर्गीय सुखरू का निधन कई वर्ष पहले हो चुका था, लेकिन कृषि भूमि के राजस्व अभिलेख बी-1 में अब भी उन्हीं का नाम दर्ज था। जीवित वारिस के रूप में रतम राम का नाम रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होने से उन्हें भूमि संबंधी कार्यों में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
किसान के लिए जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि परिवार की आजीविका का आधार होती है। ऐसे में राजस्व रिकॉर्ड में सही नाम दर्ज होना उसके भूमि अधिकारों और शासकीय सेवाओं तक पहुंच के लिए महत्वपूर्ण है।
लोक सेवा गारंटी से आसान हुआ काम
समस्या के समाधान के लिए रतम राम ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदन किया। आवेदन के बाद राजस्व विभाग ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई शुरू की। पटवारी जांच, मौका मुआयना, दावा-आपत्ति सहित आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उनका फौती नामांतरण किया गया।
नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होते ही बी-1 में रतम राम का नाम दर्ज हो गया। वर्षों से चली आ रही परेशानी दूर होने से किसान को राहत मिली।
किसान योजनाओं से जुड़ने में मिलेगी सुविधा
राजस्व रिकॉर्ड अपडेट होने से रतम राम के लिए कृषि भूमि से संबंधित सरकारी प्रक्रियाएं आसान हुई हैं। अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, समर्थन मूल्य पर धान खरीदी और एग्रीस्टैक के तहत डिजिटल किसान पहचान जैसी किसान हितैषी योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं में उन्हें सुविधा मिल सकेगी। इन योजनाओं का लाभ संबंधित पात्रता और निर्धारित नियमों के अनुसार मिलेगा।
रतम राम की कहानी बताती है कि राजस्व रिकॉर्ड में समय पर सुधार केवल कागजी प्रक्रिया नहीं है। सही रिकॉर्ड किसान के भूमि अधिकारों को स्पष्ट करता है और उसे विभिन्न सरकारी सेवाओं व योजनाओं तक पहुंचने में सहूलियत देता है।
रतम राम बोले—समय पर हुआ काम, अब बी-1 में मेरा नाम
समस्या दूर होने से खुश रतम राम ने कहा, “मेरे पिता के नाम पर जमीन होने से मुझे लाभ नहीं मिल रहा था। लोक सेवा गारंटी से मेरा काम समय पर हो गया और बी-1 में मेरा नाम आ गया। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन को दिल से धन्यवाद देता हूं।”
समय-सीमा में फौती नामांतरण और राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने से रतम राम को अपनी भूमि से जुड़े अधिकारों और सरकारी प्रक्रियाओं में आगे बढ़ने का रास्ता मिला है। यह मामला समयबद्ध राजस्व सेवाओं के जरिए आम नागरिकों को मिल रही सीधी राहत की एक तस्वीर पेश करता है।

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