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टेक्सटाइल उद्योग में छत्तीसगढ़ को बड़ी संभावनाएं, केंद्र देगा हरसंभव सहयोग

नई दिल्ली, 4 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ म...



नई दिल्ली, 4 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल क्षेत्र को दिए गए विशेष प्रोत्साहनों और प्रदेश में आ रहे निवेश की जानकारी दी। दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने तथा आधुनिक तकनीक, डिजाइन और नवाचार को पारंपरिक वस्त्र कौशल से जोड़ने पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल क्षेत्र के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। नई औद्योगिक नीति में इसे थ्रस्ट सेक्टर का दर्जा दिया गया है। निवेशकों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन और अनुदान का प्रावधान होने से इस क्षेत्र में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। श्रम आधारित होने के कारण टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध करा सकता है।

नवा रायपुर में विकसित हो रहा टेक्सटाइल इको-सिस्टम

साय ने बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। सरकार का प्रयास केवल उत्पादन इकाइयां स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार को जोड़कर समग्र टेक्सटाइल इको-सिस्टम विकसित करना है। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ सहायक उद्योगों और स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।

कोसा को मिलेगा आधुनिक बाजार

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध वस्त्र और हस्तशिल्प परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि चांपा सहित प्रदेश का कोसा सिल्क देश-विदेश में अपनी पहचान रखता है। सरकार पारंपरिक बुनकरों और शिल्पकारों के कौशल को आधुनिक डिजाइन, तकनीक, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईएफटी) की स्थापना से फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और आधुनिक क्षेत्रों में युवाओं को उच्चस्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण मिलेगा। एनआईएफटी और नई टेक्सटाइल इकाइयों के बीच समन्वय से डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक मजबूत मूल्य श्रृंखला विकसित करने में मदद मिलेगी।

सेंट्रल इंडिया का प्रमुख टेक्सटाइल हब बनने की क्षमता

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर टेक्सटाइल और अपैरल क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य की निवेश-अनुकूल नीति, उपलब्ध संसाधन और रोजगार आधारित प्रोत्साहन इसे महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल इकाइयों के विस्तार से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है और छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सेंट्रल इंडिया के प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में उभर सकता है।

तकनीक और नवाचार में केंद्र का सहयोग

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को आधुनिक तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और टेक्सटाइल क्षेत्र के विस्तार में केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदल रहे टेक्सटाइल उद्योग में तकनीक और नवाचार प्रतिस्पर्धा के महत्वपूर्ण आधार हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा टेक्सटाइल इको-सिस्टम विकसित करना चाहती है, जिसमें निवेश और रोजगार के साथ स्थानीय कौशल, पारंपरिक वस्त्र कला, आधुनिक डिजाइन और तकनीक का समन्वय हो। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति, नवा रायपुर में विकसित हो रहा औद्योगिक वातावरण और एनआईएफटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल और अपैरल विनिर्माण के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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