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एनआईटी रायपुर में जापानी छात्रों का स्वागत, संस्कृति और तकनीक का होगा संगम

एहिमे विश्वविद्यालय के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का तीन दिवसीय दौरा शुरू रायपुर, 12 सितंबर। एनआईटी रायपुर में जापान के एहिमे विश्वविद्यालय, म...




एहिमे विश्वविद्यालय के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का तीन दिवसीय दौरा शुरू

रायपुर, 12 सितंबर। एनआईटी रायपुर में जापान के एहिमे विश्वविद्यालय, मात्सुयामा के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का शनिवार को गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भारत-जापान के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रतिनिधिमंडल 12 से 14 सितंबर तक तीन दिवसीय कल्चरल एंड एकेडमिक एक्सचेंज कार्यक्रम में हिस्सा लेगा। रायपुर पहुंचने पर स्वामी विवेकानंद विमानतल में संस्थान के प्रतिनिधियों ने जापानी दल का स्वागत किया।

एनआईटी रायपुर में प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें दोनों देशों की संस्कृति, परंपराओं और शैक्षणिक सहयोग पर विचार साझा किए गए। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ. एनवी रमना राव के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।

जापानी भाषा में हुआ स्वागत

कार्यक्रम में निदेशक प्रभारी डॉ. समीर बाजपेयी, एहिमे विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अकीरा यामानाका, डीन कॉरपोरेट रिलेशन एंड रिसोर्स मोबिलाइजेशन डॉ. एस. सान्याल, डीन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट डॉ. जीडी रामटेककर, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मनोज कुमार चोपकर और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया सहित फैकल्टी सदस्य और विद्यार्थी मौजूद रहे।

डॉ. समीर बाजपेयी ने जापानी भाषा में अतिथियों का स्वागत करते हुए भारत-जापान के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल आर्थिक और राजनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बौद्ध धर्म और साझा सांस्कृतिक विरासत से भी जुड़े हैं। उन्होंने भारतीय बौद्ध भिक्षु बोधिसेन के जापान से ऐतिहासिक संबंध का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षणिक आदान-प्रदान से दोनों देशों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। इससे भविष्य में शिक्षा, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।

सितार से भरतनाट्यम तक दिखी भारतीय संस्कृति

कार्यक्रम में एनआईटी रायपुर के रागा म्यूजिक क्लब और नृत्यम क्लब के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। रागा क्लब के सदस्य ने सितार पर ‘पधारो म्हारे देश’ की प्रस्तुति दी। इसके बाद नृत्यम क्लब ने ‘ग्रेस ऑफ भरतनाट्यम’ के जरिए भारतीय शास्त्रीय नृत्य की खूबसूरती दिखाई।

एहिमे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी गीत की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में रंग भर दिया। दोनों देशों के विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने भारत-जापान के सांस्कृतिक जुड़ाव और आपसी मैत्री को प्रदर्शित किया।

एहिमे विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल प्रमुख डॉ. अकीरा यामानाका ने एनआईटी रायपुर की ओर से किए गए स्वागत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारत आकर यहां के लोगों और संस्कृति को करीब से जानने का अवसर मिलना उनके लिए सुखद अनुभव है।

लैब और स्टार्टअप का भी करेंगे अवलोकन

तीन दिवसीय दौरे के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल एनआईटी रायपुर के साइंस प्रोग्राम, विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों की प्रयोगशालाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम का अवलोकन करेगा। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल के लिए रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण भी आयोजित किया जाएगा। इससे दोनों संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच शैक्षणिक संवाद और सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

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