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सेवा की कहानी: समूह से जुड़ीं तारा देवी, ऋण से शुरू की मोबाइल दुकान; अब परिवार को हर महीने 20 हजार की आय

बिहान योजना से मिला आर्थिक संबल, स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर शुरू किया स्वरोजगार रायपुर, 20 सितंबर 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (ए...



बिहान योजना से मिला आर्थिक संबल, स्व-सहायता समूह से ऋण लेकर शुरू किया स्वरोजगार

रायपुर, 20 सितंबर 2026। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ‘बिहान’ से जुड़कर ग्राम पंचायत करमरी की तारा देवी राठौर ने स्वरोजगार की राह पकड़ी है। स्व-सहायता समूह से मिले ऋण का उपयोग कर उन्होंने मोबाइल दुकान शुरू की। अब दुकान का संचालन उनके बेटे कर रहे हैं और इससे परिवार को हर महीने करीब 20 हजार रुपए तक की आय हो रही है।

तारा देवी जय मां दुर्गा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष हैं। उनका समूह भूमिका ग्राम संगठन और करमरी क्लस्टर संगठन के माध्यम से सर्वोदय क्लस्टर संगठन, शामपुर से जुड़ा है। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आजीविका संवर्धन गतिविधियों और स्वरोजगार के लिए मिलने वाले आर्थिक अवसरों की जानकारी मिली।

समूह के ऋण से शुरू हुआ कारोबार

तारा देवी ने समूह के माध्यम से ऋण लेकर मोबाइल दुकान शुरू की। शुरुआत में उन्होंने खुद कारोबार संभाला, जबकि वर्तमान में उनके पुत्र दुकान का संचालन कर रहे हैं। मोबाइल दुकान से परिवार को प्रतिमाह लगभग 20 हजार रुपए तक की आय हो रही है।

इस अतिरिक्त आय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है। तारा देवी के लिए समूह से जुड़ना केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वरोजगार शुरू करने का माध्यम बना।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

तारा देवी बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नया रास्ता मिला। समूह से मिले ऋण का उपयोग उन्होंने कारोबार शुरू करने में किया और आज मोबाइल दुकान परिवार की आय का महत्वपूर्ण साधन बन गई है।

बिहान योजना के तहत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं आर्थिक गतिविधियों से जुड़ रही हैं। वित्तीय सहयोग और आजीविका के अवसर मिलने से वे परिवार की आय बढ़ाने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं।

तारा देवी की कहानी इसी बदलाव की मिसाल है—समूह से जुड़ाव, ऋण का सही उपयोग और स्वरोजगार ने उनके परिवार के लिए आय का नया जरिया तैयार किया।


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