मुंगेली। सहायक संचालक जनसंपर्क सुजीत कुमार सिंह के स्थानांतरण के बाद मुंगेली में जनसंपर्क अधिकारी का पद खाली हो गया है। उनके तबादले के बा...
मुंगेली। सहायक संचालक जनसंपर्क सुजीत कुमार सिंह के स्थानांतरण के बाद मुंगेली में जनसंपर्क अधिकारी का पद खाली हो गया है। उनके तबादले के बाद अभी तक किसी नए अधिकारी की पदस्थापना नहीं हुई है। ऐसे में मुंगेली के पत्रकारों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर सुजीत सिंह को मुंगेली में ही यथावत रखने की मांग की है।
जनसंपर्क विभाग के 19 अगस्त 2026 के स्थानांतरण आदेश के तहत सुजीत कुमार सिंह का तबादला जिला जनसंपर्क कार्यालय मुंगेली से रायगढ़ किया गया है। पत्रकारों का कहना है कि उनके स्थानांतरण के बाद तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से जिले की जनसंपर्क व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
पत्रकारों ने डिप्टी CM के सामने रखी मांग
मुंगेली के पत्रकारों ने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से मुलाकात कर उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सुजीत सिंह के कार्यकाल में जिला प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय बना रहा। शासन की योजनाओं, प्रशासनिक गतिविधियों और जिले के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से जुड़ी जानकारी भी समय पर मीडिया तक पहुंचती रही।
पत्रकारों ने मांग की कि जब मुंगेली में जनसंपर्क अधिकारी का पद फिलहाल खाली है, तो सुजीत कुमार सिंह को रायगढ़ भेजने के बजाय मुंगेली में ही यथावत रखा जाए।
प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय का दावा
पत्रकारों का कहना है कि सुजीत सिंह के कार्यकाल में प्रशासन और मीडिया के बीच संवाद व्यवस्था सुचारू रही। जिला प्रशासन की गतिविधियों और शासन की योजनाओं की जानकारी समय पर उपलब्ध होने से समाचारों के प्रसार में भी सुविधा रही।
उनका मानना है कि अनुभवी अधिकारी के स्थानांतरण के बाद यदि तत्काल किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं होती है तो जिले की जनसंपर्क व्यवस्था पर इसका असर पड़ सकता है।
जनसंपर्क आयुक्त से चर्चा का आश्वासन
पत्रकारों की मांग सुनने के बाद उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मामले में जनसंपर्क आयुक्त से चर्चा करने और मांग पर उचित निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया। अब पत्रकारों की नजर शासन के अगले फैसले पर है।
योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर असर की चिंता
जनसंपर्क विभाग की भूमिका केवल प्रेस विज्ञप्तियां जारी करने तक सीमित नहीं है। शासन की योजनाओं, मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं, जिला प्रशासन के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने में विभाग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
पत्रकारों का कहना है कि मुंगेली में अधिकारी का पद खाली रहने से शासन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ी सूचनाओं के मीडिया तक पहुंचने की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ऐसे में उन्होंने अनुभवी अधिकारी की सेवाएं मुंगेली में जारी रखने की मांग की है।
राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है मुंगेली
मुंगेली जिला राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और क्षेत्र के प्रमुख नेताओं से जिले का राजनीतिक जुड़ाव है। ऐसे में सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी आम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए मजबूत जनसंपर्क व्यवस्था को जरूरी बताया जा रहा है।
अब शासन के फैसले का इंतजार
फिलहाल सुजीत कुमार सिंह का तबादला मुंगेली से रायगढ़ किया जा चुका है, जबकि मुंगेली में उनके स्थान पर किसी नए जनसंपर्क अधिकारी की पदस्थापना नहीं हुई है। पत्रकारों ने स्थानांतरण आदेश पर पुनर्विचार कर सुजीत सिंह को मुंगेली में ही यथावत रखने की मांग की है। अब देखना होगा कि शासन इस मांग पर क्या निर्णय लेता है और मुंगेली की जनसंपर्क व्यवस्था के लिए आगे क्या कदम उठाया जाता है।
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