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हाथीदांत तस्करी का भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

बलरामपुर में धर्मशाला के कमरे से मिले हाथी के तीन जबड़े, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में कार्रवाई रायपुर/बलरामपुर | 4 अगस्त 2026।  बलरामपुर-रा...



बलरामपुर में धर्मशाला के कमरे से मिले हाथी के तीन जबड़े, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में कार्रवाई

रायपुर/बलरामपुर | 4 अगस्त 2026। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में वन विभाग ने हाथीदांत तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से हाथी के तीन हाथीदांत (जबड़े) बरामद किए गए हैं। तीनों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन्यजीव तस्करी और संगठित वन अपराधों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वन मंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।

धर्मशाला के कमरे में छिपाकर रखे थे हाथीदांत

वन विभाग को 3 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामानुजगंज की एक धर्मशाला में हाथीदांत रखा गया है। सूचना के आधार पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र, भोपाल), राज्य उड़नदस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में दबिश दी।

तलाशी के दौरान कमरे में रखे एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद हुए। मौके से तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

तीन आरोपी गिरफ्तार

गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के पलामू जिले निवासी संतोष कुमार विश्वकर्मा (42), बलरामपुर-रामानुजगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता (49) और सतेन्द्र कुमार (50) शामिल हैं।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम में मामला दर्ज

वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है। भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 में संरक्षित वन्य प्राणी है, इसलिए मामले को गंभीर वन अपराध माना गया है।

जब्त हाथीदांत को वन विभाग ने अपने कब्जे में लेकर आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में पेश किया। अदालत ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

तस्करी नेटवर्क की जांच जारी

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है। तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विभाग ने वन्यजीव अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।


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