एआई आधारित निदान, भविष्यसूचक विश्लेषण और चिकित्सकीय निर्णय सहायता पर होगा काम रायपुर। स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमा...
एआई आधारित निदान, भविष्यसूचक विश्लेषण और चिकित्सकीय निर्णय सहायता पर होगा काम
रायपुर। स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एम्स रायपुर और एनआईटी रायपुर के एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने हाथ मिलाया है। एनआईटी रायपुर के प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर, एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप ने एम्स रायपुर के साथ पांच वर्ष के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य वास्तविक चिकित्सकीय समस्याओं के लिए एआई आधारित व्यावहारिक और प्रभावी समाधान विकसित करना है।
यह पहल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इंडिया एआई मिशन के तहत छत्तीसगढ़ सरकार के सहयोग से एनआईटी रायपुर में स्थापित ‘मीटाई इंडिया एआई छत्तीसगढ़ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के अंतर्गत की गई है। 20 करोड़ रुपए की परियोजना लागत वाले इस सेंटर का संचालन स्वास्थ्य सेवा एवं बहुविषयक क्षेत्र, खनन एवं खनिज तथा इस्पात एवं उद्योग जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों में किया जा रहा है।
वास्तविक मरीजों की जरूरतों के आधार पर होंगे समाधान
समझौते के तहत एम्स रायपुर वास्तविक दुनिया की चिकित्सकीय समस्याओं और विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगा। वहीं एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस अपने शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, विद्यार्थियों, प्रयोगशालाओं और उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग सुविधाओं के माध्यम से समाधान विकसित करेगा।
साझेदारी में एआई आधारित रोग निदान, चिकित्सकीय निर्णय सहायता प्रणाली, भविष्यसूचक विश्लेषण, स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच और अस्पताल संचालन को अधिक प्रभावी बनाने जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत संयुक्त शोध, त्वरित नमूना विकास, नियंत्रित चिकित्सकीय परीक्षण, क्षेत्रीय सत्यापन, इंटर्नशिप, हैकाथॉन, कौशल विकास और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
बेहतर इलाज और सुरक्षित मरीज देखभाल पर जोर
एनआईटी रायपुर के निदेशक एवं एनआईटीआरआरएफआईई के बोर्ड निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव ने कहा कि साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत वास्तविक स्वास्थ्य चुनौतियों को जिम्मेदार, प्रभावी और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले तकनीकी समाधानों में बदलना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह पहल अकादमिक संस्थानों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्टार्टअप के बीच सहयोग का नया मॉडल स्थापित करेगी।
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि संस्थान इस साझेदारी के माध्यम से चिकित्सकीय विशेषज्ञता और वास्तविक परिस्थितियों में समाधान के परीक्षण के लिए सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य एआई तकनीक को बेहतर चिकित्सकीय परिणाम, सुरक्षित मरीज देखभाल और छत्तीसगढ़ के लोगों तक स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक पहुंच में बदलना है।
समझौता समारोह में एम्स रायपुर और एनआईटी रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, शोधकर्ता एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। एम्स रायपुर की ओर से डॉ. डी.के. त्रिपाठी, डॉ. अभिरुचि गल्होत्रा, डॉ. एली महापात्र, डॉ. एकता खंडेलवाल, डॉ. नमन अग्रवाल, डॉ. रोशन मैथ्यू और डॉ. पुष्पावती ठाकुर शामिल रहे। एनआईटी रायपुर की ओर से डॉ. अनुज कुमार शुक्ला, पवन कटारिया और सुनील देवांगन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

" alt="" />" alt="" />
" alt="" />" alt="" />
No comments