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सशक्त बचपन, समृद्ध छत्तीसगढ़: पोषण और बाल संरक्षण में प्रदेश की नई पहचान

डॉ.दानेश्वरी संभाकर  (उप संचालक) रायपुर। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, संरक्षण और सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने ब...




डॉ.दानेश्वरी संभाकर 

(उप संचालक)

रायपुर। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, संरक्षण और सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बाल विकास के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की नीतियों और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में संचालित योजनाओं से प्रदेश में बच्चों के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा रहा है।

पोषण पखवाड़ा में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल

पोषण अभियान के तहत छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रति आंगनबाड़ी गतिविधियों के मामले में प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर रहा। वहीं अप्रैल 2025 के पोषण पखवाड़ा में भी छत्तीसगढ़ ने पहला स्थान हासिल किया।

प्रदेश में सितंबर-अक्टूबर 2025 के पोषण माह के दौरान 71 हजार 887 गतिविधियां और अप्रैल 2026 के पोषण पखवाड़ा में 34 लाख 93 हजार 474 गतिविधियां आयोजित की गईं।

आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया जा रहा आधुनिक

प्रदेश के 11 हजार 490 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम और आकर्षक बनाने का कार्य जारी है। इनमें BaLA पेंटिंग, पोषण वाटिका, खेल आधारित शिक्षा और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

मनरेगा के माध्यम से 2 हजार 337 नए आंगनबाड़ी भवनों को स्वीकृति दी गई है, जबकि पीएम जनमन योजना के तहत 191 नए आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा चुके हैं। नियद नेल्ला नार 2.0 के अंतर्गत 10 जिलों में 12 हजार 964 आंगनबाड़ी केंद्र सेवाएं दे रहे हैं।

कुपोषण में आई उल्लेखनीय कमी

पोषण ट्रैकर के आंकड़ों के अनुसार 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों में बौनापन, कम वजन और अंडरवेट की स्थिति में सुधार हुआ है। दिसंबर 2023 में बौनापन की दर 30.27 प्रतिशत थी, जो जून 2026 तक घटकर 22.45 प्रतिशत रह गई।

यह सुधार पोषण प्रबंधन, नियमित निगरानी और आंगनबाड़ी सेवाओं के प्रभावी संचालन का परिणाम माना जा रहा है।

मिशन वात्सल्य से बच्चों को मिल रहा संरक्षण

अनाथ, परित्यक्त और विशेष देखभाल की जरूरत वाले बच्चों के लिए मिशन वात्सल्य के तहत सुरक्षा और पुनर्वास की व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रदेश में बाल देखरेख संस्थाओं की संख्या बढ़कर 109 हो गई है।

चाइल्ड हेल्पलाइन में प्राप्त 1 लाख 65 हजार 979 कॉलों पर कार्रवाई की गई। वहीं दत्तक ग्रहण से लाभान्वित बच्चों की संख्या 42 से बढ़कर 234 और स्पॉन्सरशिप योजना से लाभान्वित बच्चों की संख्या 767 से बढ़कर 2 हजार 37 हो गई है।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बढ़ते कदम

बाल विवाह रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बाल विवाह प्रतिरोध अधिकारियों की संख्या बढ़कर 1 हजार 382 हो गई है। इसके परिणामस्वरूप रोके गए बाल विवाहों की संख्या 109 से बढ़कर 888 तक पहुंच गई है।

बाल विकास के क्षेत्र में मजबूत आधार

आधुनिक आंगनबाड़ी व्यवस्था, पोषण सुधार, बाल संरक्षण सेवाओं का विस्तार और बाल विवाह उन्मूलन जैसे प्रयासों से छत्तीसगढ़ बाल विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य बच्चों को स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराकर विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करना है।


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