सरगुजा की किसान भगवती राजवाड़े ने साझा किए सकारात्मक अनुभव रायपुर, 30 जुलाई। आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग क...
सरगुजा की किसान भगवती राजवाड़े ने साझा किए सकारात्मक अनुभव
रायपुर, 30 जुलाई। आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) द्वारा विकसित इन उर्वरकों से खेती की लागत घटने के साथ उत्पादन और पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता में भी सुधार देखने को मिल रहा है।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर विकासखंड के ग्राम सोनपुर खुर्द की प्रगतिशील किसान भगवती राजवाड़े ने बताया कि उन्होंने अपनी 1.23 हेक्टेयर कृषि भूमि पर धान सहित अन्य फसलों में नैनो उर्वरकों का उपयोग किया, जिससे फसलों की बढ़वार और उत्पादन में सकारात्मक परिणाम मिले।
उन्होंने बताया कि पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की छोटी बोतलों का परिवहन और उपयोग आसान है। निर्धारित मात्रा में पानी के साथ छिड़काव करने से पोषक तत्व प्रभावी ढंग से फसलों तक पहुंचते हैं, जिससे समय, श्रम और लागत की बचत होती है।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नैनो उर्वरकों से पोषक तत्वों की उपयोग दक्षता बढ़ती है, खेती की लागत कम होती है तथा मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। कृषि विभाग किसानों को इनके वैज्ञानिक उपयोग के लिए लगातार प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है।
भगवती राजवाड़े ने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों के साथ नैनो उर्वरकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर खेती को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाया जा सकता है।

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