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कस्तूरबा गांधी विद्यालय झिरमिटी में ‘शाला प्रवेश उत्सव’ संपन्न

रायपुर, 18 जून 2026 / शिक्षित बेटी ही आत्मनिर्भर समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम ...


रायपुर, 18 जून 2026 / शिक्षित बेटी ही आत्मनिर्भर समाज और विकसित राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला है। शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाली सबसे बड़ी शक्ति है। यह विचार प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के उदयपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, झिरमिटी में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान व्यक्त किए।



तिलक और पुष्पमाला से हुआ नवप्रवेशी बेटियों का स्वागत


शाला प्रवेश उत्सव के दौरान मुख्य अतिथि श्री राजेश अग्रवाल ने नए सत्र में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और अध्ययन सामग्री भेंट कर विद्यालय में उनका स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उन्हें जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और शिक्षा के माध्यम से अपनी विशिष्ट पहचान बनाने के लिए प्रेरित किया।


बेटियों की शिक्षा पूरे राष्ट्र के विकास का विषय


पर्यटन मंत्री श्री अग्रवाल ने बालिका शिक्षा के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज की छात्राएं कल की वैज्ञानिक, चिकित्सक, प्रशासक, शिक्षिका और जनप्रतिनिधि बनकर देश का नेतृत्व करेंगी। इसलिए बेटियों की शिक्षा केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के विकास का विषय है। जब एक बेटी शिक्षित होती है, तो आने वाली कई पीढ़ियां सशक्त बनती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार दूरस्थ अंचलों में शैक्षणिक सुविधाएं मजबूत करने और बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय जैसी संस्थाएं ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की बेटियों को सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देकर उनके सपनों को नई उड़ान दे रही हैं।


शिक्षकों को बताया राष्ट्र का वास्तविक शिल्पकार


कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री अग्रवाल ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया और छात्राओं को मिल रही आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित शिक्षक ही राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार हैं, जो देश का भविष्य तैयार करते हैं।


श्री अग्रवाल ने सभी छात्राओं और शिक्षकों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि यहाँ से पढ़कर निकलने वाली बेटियां भविष्य में सरगुजा और पूरे छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी।  शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर नवप्रवेशी छात्राओं का आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उत्साहजनक उपस्थिति रही।

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