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सुशासन तिहार बना ग्रामीण आजीविका का संबल, पशुपालन से जुड़े 507 आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण

रायपुर, 27 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीणों के लिए केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं, बल्...




रायपुर, 27 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीणों के लिए केवल शिकायत निवारण का मंच नहीं, बल्कि आजीविका और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का प्रभावी अभियान बनकर उभरा है। अंबिकापुर जिले में पशुधन विकास विभाग ने पशुपालन आधारित रोजगार से जुड़े सभी आवेदनों का समयबद्ध निराकरण कर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय पहल की है।

जिला प्रशासन के अनुसार, सुशासन तिहार के दौरान पशुधन विकास विभाग को जिलेभर से कुल 507 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका शत-प्रतिशत निराकरण किया गया। इन आवेदनों में बकरी पालन, सूकर पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन तथा अन्य पशुपालन गतिविधियों से संबंधित मांगें शामिल थीं।

जनपद पंचायतवार प्राप्त आवेदनों में लखनपुर से सबसे अधिक 96 आवेदन मिले। इसके अलावा मैनपाट से 84, सीतापुर से 81, बतौली से 70, अंबिकापुर से 67, उदयपुर से 66 और लुंड्रा से 43 आवेदन प्राप्त हुए। सभी जनपदों में हर आवेदन का समय पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।

पशुधन विकास विभाग द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ आधुनिक पशुपालन तकनीक, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, संतुलित आहार और वैज्ञानिक पालन-पोषण का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल योजना का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि हितग्राहियों को सफल और आत्मनिर्भर पशुपालक के रूप में विकसित करना है।

जिला प्रशासन का मानना है कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण आधार है। सुशासन तिहार के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के त्वरित निराकरण से ग्रामीणों को समय पर योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है।

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