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विशेष लेख : जन-जन की आस्था का सेतु बनी ‘रामलला दर्शन योजना’

रायपुर, 07 मई 2026 / भारतीय संस्कृति में तीर्थाटन केवल भौगोलिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। अयोध्या...


रायपुर, 07 मई 2026 / भारतीय संस्कृति में तीर्थाटन केवल भौगोलिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक चेतना और सामाजिक समरसता का जीवंत प्रतीक है। अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन करना प्रत्येक भारतीय के जीवन का सर्वाेच्च संकल्प होता है। दशकों तक आर्थिक और व्यवस्थागत बाधाओं के कारण कई श्रद्धालु इस सौभाग्य से वंचित रहे, लेकिन आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की ‘रामलला दर्शन योजना’ इन सपनों को हकीकत में बदल रही है।

आंकड़ों में श्रद्धा की गूँज

यह योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि बुजुर्गों और जरूरतमंदों के प्रति शासन की संवेदनशीलता का प्रतिबिंब है। अब तक 56 विशेष ट्रेनों के माध्यम से 47 हजार 600 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम की पुण्य यात्रा कर चुके हैं। जब कोई बुजुर्ग श्रद्धालु वर्षों के इंतजार के बाद अपने आराध्य के सम्मुख भावविभोर होता है, तब इस योजना का वास्तविक उद्देश्य सफल होता है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा इस यात्रा को अत्यंत गरिमापूर्ण बनाया गया है। श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित परिवहन और गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ आवास और निरंतर स्वास्थ्य देखभाल की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हमारी प्राथमिकता है कि प्रत्येक यात्री सम्मान और आत्मीयता के साथ इस आध्यात्मिक अनुभव को अपने हृदय में संजोकर लौटे।

सांस्कृतिक पुनर्जागरण और सामाजिक समावेश

यह गरीब, जरूरतमंद, बुजुर्ग और सामान्य नागरिकों के सपनों को साकार करने का एक संवेदनशील प्रयास है। यह योजना समाज के हर वर्ग, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को समान रूप से जोड़ रही है। प्रभु श्रीराम के आदर्शों (मर्यादा, करुणा और न्याय) को जीवन का हिस्सा बनाना ही हमारा विनम्र प्रयास है। यह पहल न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि स्थानीय स्तर पर सांस्कृतिक गौरव और आत्मविश्वास का भी संचार कर रही है।

सरल और पारदर्शी चयन प्रक्रिया

शासन की सफलता ‘अंतिम व्यक्ति’ तक लाभ पहुँचाने में है। रामलला दर्शन योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक नागरिक जिला कलेक्टर कार्यालय, जनपद पंचायत, या नगर निगम से आवेदन प्राप्त कर सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से पात्र हितग्राहियों का चयन किया जाता है। यात्रा से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाता है।

भविष्य का विजन

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार “सबका साथ, सबका विकास” और “जनहित सर्वाेपरि” के मंत्र पर कार्य कर रही है। हमारा संकल्प है कि आने वाले समय में इस योजना का दायरा और अधिक व्यापक हो। छत्तीसगढ़ सरकार जनआस्था, सांस्कृतिक गौरव और लोककल्याण के इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह केवल अयोध्या तक की यात्रा नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा से सम्मान, आस्था से आत्मविश्वास और जनकल्याण से सांस्कृतिक उत्थान की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ का एक दृढ़ कदम है। मुझे विश्वास है कि यह योजना आने वाले वर्षों में जनसेवा और सांस्कृतिक समन्वय के एक वैश्विक मॉडल के रूप में स्थापित होगी।

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