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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी पीड़ित को बच्चा नहीं मिला: आप

पहलाजानी टेस्ट ट्यूब सेंटर मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रायपुर, 24 फरवरी 2026। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने रायपु...




पहलाजानी टेस्ट ट्यूब सेंटर मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

रायपुर, 24 फरवरी 2026। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने रायपुर स्थित पहलाजानी टेस्ट ट्यूब सेंटर में कथित नवजात अदला-बदली मामले को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता प्रियंका शुक्ला ने प्रेस वार्ता में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद पीड़ित परिवार को अब तक उनका बच्चा नहीं मिल पाया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2025 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। मीडिया के दबाव के बाद 6 फरवरी 2026 को एफआईआर दर्ज की गई, जबकि 19 जनवरी 2026 को ही सर्वोच्च न्यायालय ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि जांच की वर्तमान स्थिति से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने पर संदेह उत्पन्न होता है।

क्या है मामला?

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिले के बचेली निवासी अशोक कुमार सिंह और उनकी पत्नी उषा सिंह ने वर्ष 2022 में संतान प्राप्ति के लिए रायपुर के अनुपम नगर स्थित माता लक्ष्मी नर्सिंग होम में संपर्क किया था। यहां संचालित पहलाजानी टेस्ट ट्यूब बेबी एंड सरोगेसी सेंटर में आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए इलाज किया गया।

परिजनों के अनुसार 25 दिसंबर 2023 को ऑपरेशन के जरिए जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ। अस्पताल स्टाफ ने एक बेटा और एक बेटी होने की जानकारी दी, लेकिन परिजनों को दोनों बच्चियां सौंपी गईं। इसके बाद परिजनों ने बच्चों की अदला-बदली का आरोप लगाया।

संदेह के बाद पिता अशोक कुमार सिंह ने निजी स्तर पर डीएनए जांच कराई। परिवार का आरोप है कि राज्य सरकार ने सहयोग करने के बजाय मेडिकल बोर्ड गठित कर सेंटर के पक्ष में रिपोर्ट पेश की। मामला हाईकोर्ट में सेंटर के पक्ष में गया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की।

सरकार पर संरक्षण का आरोप

प्रियंका शुक्ला ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार आरोपियों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी महिला एवं बाल विकास मंत्री ने अब तक कोई सार्वजनिक संज्ञान नहीं लिया है।

उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य महिला आयोग ने भी मामले में हस्तक्षेप क्यों नहीं किया। “आखिर पीड़ित परिवार को उनका बच्चा कब मिलेगा?” — यह सवाल आज भी अनुत्तरित है।

लिंग आधारित भेदभाव का आरोप

पार्टी के नेता इमरान खान ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकार के संरक्षण में लिंग आधारित भेदभाव और नवजातों की अदला-बदली जैसे गंभीर अपराध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़ा करेगा।

आप की मांग

आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि—

मामले की निष्पक्ष और कड़ाई से जांच कराई जाए।

सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो।

लापता बच्चे को खोजकर परिजनों को सौंपा जाए।

जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्चस्तरीय स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।


पार्टी ने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

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